Ranchi | झारखंड की सियासत में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। राज्य में खाली हो रही दो राज्यसभा सीटों के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक ऐसा दांव चल दिया है, जिसने सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस गठबंधन की नींद उड़ा दी है। भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह न सिर्फ अपना प्रत्याशी उतारेगी, बल्कि जीत का आंकड़ा भी जुटाएगी। इस ऐलान के बाद से ही सूबे का सियासी पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
‘हम सिर्फ लड़ेंगे नहीं, बल्कि जीतेंगे’
रांची के हरमू स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोमवार को प्रदेश चुनाव समिति की एक हाई-प्रोफाइल बैठक हुई। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में चुनावी रणनीति पर गहन मंथन हुआ।
भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए दो टूक कहा, “चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है। 8 जून को नामांकन है और 18 जून को मतदान। भाजपा ने तय किया है कि हम मैदान में उतरेंगे और हमारा प्रत्याशी न सिर्फ चुनाव लड़ेगा, बल्कि विजयी भी होगा।”
जब उनसे पूछा गया कि भाजपा का उम्मीदवार कौन होगा, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई बड़ा चेहरा नहीं, बल्कि पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता ही उच्च सदन जाएगा।

“चोर की दाढ़ी में तिनका…” जेएमएम पर सीधा हमला
गठबंधन सरकार और जेएमएम द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर तंज कसते हुए अमर बाउरी ने कहा कि यह ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ जैसा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेएमएम और कांग्रेस के बीच अंदरूनी कलह चरम पर है।
बाउरी ने कहा, “जो लोग 56 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं, जरा उनसे पूछिए कि क्या उनके सारे लोग एकजुट हैं? झारखंड को बेचने और खरीदने का पुराना इतिहास जेएमएम का रहा है। इस राज्य में हॉर्स ट्रेडिंग की शुरुआत ही उन्होंने की थी। अगर उनके पास बहुमत के आंकड़े हैं, तो वे डर क्यों रहे हैं?”
इन्फोग्राफिक: झारखंड विधानसभा दलीय स्थिति (कुल सीटें: 81)
बहुमत का आंकड़ा (Majority Mark): 41 सीटें
1. सत्ताधारी गठबंधन: INDIA ब्लॉक (कुल: 56 सीटें)
[██████████████████████████████████████████████████████████] 56 सीटें (बहुमत से +15 अधिक)
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM): 34 सीटें
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC): 16 सीटें
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD): 4 सीटें
- भाकपा (माले) लिबरेशन (CPI-ML): 2 सीटें
2. मुख्य विपक्षी गठबंधन: NDA (कुल: 24 सीटें)
[████████████████████████] 24 सीटें
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): 21 सीटें
- ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU): 1 सीट
- जनता दल यूनाइटेड (JD-U): 1 सीट
- लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (LJP-RV): 1 सीट
3. अन्य (कुल: 01 सीट)
[█] 1 सीट
- झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM): 1 सीट (जयराम महतो)
क्या है भाजपा का ‘अंतरात्मा’ वाला गेम प्लान?
ग्राउंड जीरो से मिल रही खबरों के मुताबिक, झारखंड विधानसभा में कुल 81 मतदाता (विधायक) हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 28 वोटों की आवश्यकता है। आंकड़ों के लिहाज से सत्ताधारी गठबंधन मजबूत दिख रहा है, लेकिन भाजपा ने ‘अंतरात्मा की आवाज’ का कार्ड खेलकर गेम को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
भाजपा नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प और उनके काम से प्रभावित होकर कई विपक्षी विधायक भी क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। बाउरी ने साफ कहा, “81 मतदाता हैं और सभी का अपना विवेक है। मोदी जी का जलवा पूरे देश में है, ऐसे में विधायक अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट करेंगे और हमें जरूरी 28 वोट निश्चित रूप से मिलेंगे।”
भाजपा के इस आक्रामक रुख ने यह साफ कर दिया है कि झारखंड का यह राज्यसभा चुनाव महज एक औपचारिकता नहीं होने वाला। सत्ता पक्ष जहां अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी और बैठकों का दौर शुरू कर सकता है, वहीं भाजपा ने जमीनी स्तर पर असंतुष्ट विधायकों को साधने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। 8 जून को नामांकन की आखिरी तारीख तक झारखंड की राजनीति में शह-मात का यह खेल और भी दिलचस्प मोड़ ले सकता है।
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