झारखंड निकाय चुनाव: उलटी गिनती शुरू, BC-1/BC-2 आरक्षण साफ

झारखंड निकाय चुनाव: उलटी गिनती शुरू, BC-1/BC-2 आरक्षण साफ

Jamshedpur: झारखंड में लंबे समय से अटके नगर निकाय चुनावों की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा बहुप्रतीक्षित अधिसूचना जारी किए जाने के बाद मानगो नगर निगम के 36, आदित्यपुर के 35, जुगसलाई नगर परिषद के 22 और कपाली नगर परिषद के 21 वार्डों में मतदान का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
इस नई अधिसूचना ने न केवल चुनावी तैयारियों को गति दी है बल्कि राजनीतिक माहौल को भी गर्म कर दिया है।

सरकार ने इन निकायों के लिए वार्डवार पिछड़ा वर्ग—अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 (BC-1) और पिछड़ा वर्ग-2 (BC-2)—की जनसंख्या के आधिकारिक आंकड़े जारी कर दिए हैं। अब इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सीटों का आरक्षण तय होगा, जो चुनावी मुकाबले का पूरा समीकरण बदल सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के ट्रिपल टेस्ट के बाद खुला रास्ता

यह अधिसूचना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण अप्रैल 2023 से निकाय चुनाव टलते आ रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट ने विकास कृष्णराव गवली बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में यह स्पष्ट कर दिया था कि पिछड़ा वर्ग आरक्षण तभी लागू होगा जब राज्य ट्रिपल टेस्ट पूरा करेगा।
इसके लिए राज्य सरकार को एक डेडिकेटेड कमीशन बनाकर पिछड़ेपन की प्रकृति का अध्ययन कराना था और फिर उसी आधार पर आनुपातिक आरक्षण की सिफारिश करनी थी।
अब जब यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, चुनाव की राह पूरी तरह साफ मानी जा रही है।

निकायवार आंकड़े: कौन कहाँ मजबूत?

अधिसूचना के साथ निकायों की सामाजिक संरचना साफ हो गई है।
मानगो नगर निगम में BC-1 की सबसे बड़ी आबादी वार्ड 27 में 4410 है, जबकि सबसे कम 646 लोग वार्ड 32 में हैं।
BC-2 श्रेणी में सबसे अधिक 1094 की आबादी वार्ड 1 में और सबसे कम केवल 4 लोग वार्ड 25 में दर्ज हैं।

आदित्यपुर नगर निगम में BC-1 की सबसे ज्यादा आबादी वार्ड 21 में 3238 है, जबकि सबसे कम 134 लोग वार्ड 34 में हैं।
BC-2 की सर्वाधिक जनसंख्या 479 वार्ड 1 में और सबसे कम 38 लोग वार्ड 34 में पाए गए हैं।

जुगसलाई नगर परिषद में BC-1 की सबसे बड़ी आबादी 2031 वार्ड 10 में है, जबकि सबसे कम 151 लोग वार्ड 17 में हैं।
BC-2 में सबसे अधिक 1428 लोग वार्ड 13 में और केवल 9 लोग वार्ड 1 में दर्ज किए गए हैं।

कपाली नगर परिषद के आंकड़े सबसे चौंकाने वाले हैं।
यहां BC-1 की अच्छी-खासी आबादी है—वार्ड 3 में 1685 और वार्ड 7 में 852 लोग।
लेकिन BC-2 की आबादी लगभग नगण्य है। कई वार्डों में यह संख्या शून्य है, जबकि सबसे अधिक संख्या वार्ड 19 में भी केवल 23 है।

अब सबकी नजरें आरक्षण रोस्टर पर

इन आंकड़ों के जारी होते ही अब सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की ओर टिक गई हैं।
आयोग इन्हीं आँकड़ों के आधार पर तय करेगा कि कौन-सा वार्ड किस श्रेणी के लिए आरक्षित होगा।
आरक्षण रोस्टर जारी होते ही चुनाव की अधिसूचना की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और इसके साथ ही संभावित उम्मीदवारों की राजनीतिक हलचल और तेज हो जाएगी।

पिछले दो वर्षों से इंतजार कर रहे हजारों उम्मीदवार अब अपने-अपने वार्डों के नए सामाजिक समीकरणों का विश्लेषण कर रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।
झारखंड में निकाय चुनाव केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक दिशा तय करने वाला बड़ा चुनावी मोड़ साबित होने जा रहा है।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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