झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026: मेयर और वार्ड पार्षद के चुनाव चिन्ह तय, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किया आदेश

झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026: मेयर और वार्ड पार्षद के चुनाव चिन्ह तय, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किया आदेश

रांची। झारखंड में नगर निकाय आम निर्वाचन–2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। भले ही चुनाव की आधिकारिक तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई हो, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग ने मेयर/अध्यक्ष और वार्ड पार्षद/सदस्य पदों के लिए चुनाव चिन्हों से संबंधित विस्तृत आदेश जारी कर दिया है। इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि चुनाव प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है।

माना जा रहा है कि झारखंड नगर निकाय चुनाव फरवरी के अंत या मार्च 2026 के पहले सप्ताह में कराए जा सकते हैं। आयोग के इस फैसले के बाद चास, फुसरो सहित राज्य की सभी नगरपालिकाओं और नगर निगम क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

नगर निकाय आम निर्वाचन–2026 के लिए जारी आदेश के अनुसार, झारखंड की सभी नगरपालिकाओं और नगर निगमों में महापौर/अध्यक्ष तथा वार्ड पार्षद/सदस्य पदों के चुनाव केवल राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रतीकों पर ही कराए जाएंगे।

झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि दोनों पदों के लिए अलग-अलग चुनाव चिन्ह निर्धारित किए गए हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब नामांकन पत्रों की जांच होगी, तब वैध प्रत्याशियों के नाम प्रपत्र-9 में देवनागरी वर्णक्रमानुसार सूचीबद्ध किए जाएंगे। इसी क्रम में उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।

आयोग ने यह भी साफ किया है कि निर्वाची पदाधिकारी द्वारा एक बार आवंटित किया गया चुनाव चिन्ह अंतिम होगा, और बिना आयोग की पूर्व स्वीकृति के उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

नगर निकाय चुनावों में प्रत्याशियों की पहचान आसान बनाने और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए चुनाव चिन्हों की भूमिका बेहद अहम होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने वर्ष 2022 में जारी पूर्व अधिसूचना को निरस्त कर एक नया प्रतीक आवंटन आदेश लागू किया है।

इस नए आदेश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी प्रत्याशियों को समान अवसर मिले और चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। खासकर शहरी क्षेत्रों में जहां बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं, वहां चुनाव चिन्ह मतदाताओं के लिए पहचान का सबसे बड़ा माध्यम होते हैं।

मेयर और अध्यक्ष पद के लिए तय चुनाव चिन्ह

अधिसूचना के अनुसार महापौर/अध्यक्ष पद के लिए कई विशिष्ट चुनाव चिन्ह निर्धारित किए गए हैं। इनमें शामिल हैं—

एयर कंडीशनर, छड़ी, चूड़ियां, बैटरी टॉर्च, बेंच, बिस्कुट, बक्सा, ईंटें, बाल्टी, कैमरा, कार्पेट, सीसीटीवी कैमरा, चपाती रोलर, चिमनी, नारियल फार्म, कंप्यूटर माउस, घन, हीरा, डोली, ड्रिल मशीन, बिजली का खंभा, बाँसुरी, फव्वारा, कीप, गैस का चूल्हा, चाय छलनी, हरी मिर्च, ऊन व सिलाई, हेलमेट, आइसक्रीम, कटहल, भिंडी, कुंडी, लूडो, माचिस की डिब्बी, नेल कटर, कड़ाही, नाशपाती, कलम की निब (सात किरणों सहित), पेंसिल शार्पनर, पेट्रोल पंप, हाथ रेहड़ी, प्लेट स्टैंड, पंचिंग मशीन, अंगूठी, रूम कूलर, सेफ्टी पिन, कैंची, जूता और कूदने की रस्सी।

ये सभी प्रतीक आयोग द्वारा मुक्त चुनाव चिन्ह के रूप में अधिसूचित किए गए हैं।

वार्ड पार्षद और सदस्य पद के लिए निर्धारित प्रतीक

वार्ड पार्षद/सदस्य पद के लिए भी आयोग ने अलग सूची जारी की है। इसमें शामिल हैं—

अलमारी, बेबी वॉकर, बल्ला, मोतियों का हार, साइकिल पंप, ब्लैक बोर्ड, डबल रोटी, ब्रीफकेस, केक, कैन, कैरम बोर्ड, जंजीर, चप्पलें, चिमटी, कलर ट्रे व ब्रश, चारपाई, सीटी, डीजल पंप, द्वार घंटी, डम्बल, लिफाफा, कुआं, फ्रॉक, स्टूल, उपहार, ग्रामोफोन, खिड़की, हेडफोन, जुराबें, पानी गर्म करने की रॉड, दीवार खूंटी, लेडी पर्स, लेटर बॉक्स, लंच बॉक्स, माइक, गले की टाई, पैंट, मटर, पैन स्टैंड, पेंडुलम, फोन चार्जर, करनी, रेजर, रोड रोलर, रूम हीटर, आरी, सिलाई मशीन, शटर, स्लेट और मिक्सर ग्राइंडर।

ये प्रतीक भी मुक्त चुनाव चिन्ह के तौर पर मान्य होंगे।

सुरक्षित चुनाव चिन्हों की व्यवस्था

यदि किसी निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्याशियों की संख्या तय मुक्त प्रतीकों से अधिक हो जाती है, तो शेष उम्मीदवारों को सुरक्षित चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।

सुरक्षित प्रतीकों में सेब, गुब्बारा, बल्लेबाज, बेल्ट, दूरबीन, पाल युक्त नाव, ब्रेड टोस्टर, ब्रश, कैलकुलेटर, शिमला मिर्च, फूलगोभी, चक्की, शतरंज बोर्ड, कोट, कंप्यूटर, क्रेन, कटिंग प्लायर, डिश एंटेना, दरवाजे का हैंडल, कान की बालियां, एक्सटेंशन बोर्ड, फुटबॉल खिलाड़ी, फ्राइंग पैन, गैस सिलेंडर, अदरक, अंगूर, हारमोनियम, टाइप मशीन, रेत घड़ी, किचन सिंक, लैपटॉप, लाइटर, टायर, नूडल्स कटोरा, मूंगफली, पेन ड्राइव, पेंसिल डिब्बा, तकिया, प्रेशर कुकर, रेफ्रिजरेटर, रोबोट, रबर की मुहर, स्कूल का बस्ता, पानी का जहाज, सितार, साबुनदानी और फूलदान शामिल हैं।

चुनाव चिन्हों की अधिसूचना जारी होने के बाद चास और फुसरो जैसे शहरी क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाने लगे हैं। वहीं जिला प्रशासन स्तर पर मतदाता सूची अद्यतन, बूथ निर्धारण और कर्मियों की तैनाती को लेकर तैयारियां चल रही हैं।

अब सभी की निगाहें चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। आयोग की ओर से जैसे ही नामांकन, मतदान और मतगणना की तारीखें घोषित होंगी, नगर निकाय चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 से पहले चुनाव चिन्हों का निर्धारण यह दर्शाता है कि राज्य निर्वाचन आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाले दिनों में तारीखों की घोषणा के साथ ही शहरी राजनीति में और अधिक हलचल देखने को मिलेगी।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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