गोवा/रांची। झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में फरार चल रहे छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया को आखिरकार एसीबी ने दबोच लिया। गुरुवार को सटीक सूचना के आधार पर टीम गोवा पहुंची और एक स्पा सेंटर से उसे उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वह मसाज करा रहा था। गिरफ्तारी के बाद एसीबी उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाने की तैयारी में जुट गई है।
शराब घोटाले की जांच कर रही एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को लंबे समय से नवीन केडिया की तलाश थी। उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका था और वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। गुरुवार को एसीबी को पुख्ता इनपुट मिला कि वह गोवा में छिपा हुआ है।
टीम ने बिना देरी किए कार्रवाई की और एक स्पा सेंटर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही शराब घोटाले से जुड़े अन्य संदिग्धों में हलचल तेज हो गई है। एसीबी सूत्रों के मुताबिक, नवीन केडिया ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी भी दे रखी थी, लेकिन इससे पहले ही कानून ने उसे पकड़ लिया।
कैसे बना शराब घोटाले का मामला
नवीन केडिया छत्तीसगढ़ डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड का संचालक है और देसी शराब के बड़े निर्माताओं में उसकी गिनती होती है। मई 2022 में झारखंड में लागू की गई उत्पाद नीति के दौरान छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारियों और प्लेसमेंट एजेंसियों को बड़े पैमाने पर काम दिए जाने के आरोप सामने आए थे।
आरोप है कि झारखंड में देसी शराब की आपूर्ति और ठेके हासिल करने के बदले भारी कमीशन का खेल चला। इस पूरी प्रक्रिया में तत्कालीन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। नवीन केडिया को पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे का करीबी बताया जाता है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
देसी शराब में मिले थे नुकसानदायक कण
एसीबी की जांच में पहले ही यह खुलासा हो चुका है कि कुछ देसी शराब निर्माता कंपनियों की शराब में मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक कण पाए गए थे। इससे पहले छत्तीसगढ़ की वेलकम डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल को गिरफ्तार किया गया था।
जांच में सामने आया था कि उसकी कंपनी से निर्मित देसी शराब में शीशे के कण मिले थे। अब छत्तीसगढ़ डिस्टिलरी के संचालक नवीन केडिया की गिरफ्तारी के बाद एसीबी इस एंगल से भी पूछताछ करेगी कि क्या गुणवत्ता से समझौता कर सरकारी तंत्र की मिलीभगत से शराब की आपूर्ति की गई।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी शराब घोटाले की परतें खोलने में अहम साबित होगी। नवीन केडिया से झारखंड में देसी शराब आपूर्ति के ठेके, कमीशन नेटवर्क, प्लेसमेंट एजेंसियों की भूमिका और नीति निर्माण के दौरान हुए फैसलों पर गहन पूछताछ की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे रांची लाकर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इस पूछताछ से कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
शराब घोटाले का असर सिर्फ प्रशासन तक सीमित नहीं रहा है। देसी शराब में मिले खतरनाक कणों की खबर के बाद आम लोगों में गहरी नाराजगी है। स्वास्थ्य से खिलवाड़ और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है।
विपक्ष लगातार इस मामले में जवाबदेही की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार की ओर से यह कहा जा रहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
शराब घोटाले में छठी गिरफ्तारी
नवीन केडिया की गिरफ्तारी इस मामले में अब तक की छठी गिरफ्तारी है। 13 अक्टूबर 2025 को एसीबी ने गुजरात के अहमदाबाद से प्लेसमेंट एजेंसी विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स से जुड़े तीन आरोपियों को पकड़ा था।
इसके बाद 14 नवंबर को विलासपुर से राजेंद्र जायसवाल और 13 दिसंबर को महाराष्ट्र के ठाणे से प्लेसमेंट एजेंसी मेसर्स मार्शन के निदेशक जगन तुकाराम देसाई को गिरफ्तार किया गया। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से साफ है कि जांच एजेंसी अब इस मामले को निर्णायक मोड़ तक ले जाने के मूड में है।
एसीबी अब नवीन केडिया से पूछताछ के बाद दस्तावेजी सबूतों और पैसों के लेन-देन की कड़ी जोड़ने पर फोकस करेगी। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं। शराब घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, नए खुलासों की उम्मीद भी बढ़ती जाएगी।
गोवा के स्पा सेंटर से हुई यह गिरफ्तारी शराब घोटाले की कहानी में बड़ा मोड़ है। फरार आरोपी का इस तरह पकड़ा जाना यह संदेश देता है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इस गिरफ्तारी के बाद जांच किस दिशा में जाती है और किन बड़े नामों पर शिकंजा कसता है।









