Ranchi | झारखंड सरकार ने 15 दिसंबर 2025 से राज्यभर में धान खरीद की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। इस साल सरकार ने 2,51,072 किसानों से 2,450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लगभग 60 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। राजधानी रांची के नामकुम लैम्प्स से जिला आपूर्ति पदाधिकारी राम गोपाल पांडे ने इस वर्ष की धान खरीद की शुरुआत की।
राज्य में धान खरीद की विस्तृत जानकारी
राज्य सरकार द्वारा गठित 834 धान अधिप्राप्ति केंद्रों में से पहले दिन 82 स्थानों पर धान की खरीद की गई। रांची जिले में कुल 43 धान अधिप्राप्ति केंद्र तैयार किए गए हैं। किसानों को उनके पंजीकृत नंबर पर मैसेज भेजकर निर्धारित दिन पर आने के लिए कहा गया।
इस साल सरकार ने धान खरीद में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 2G पॉस मशीन की जगह 4G पॉस मशीन का इस्तेमाल शुरू किया है। साथ ही, किसानों को भुगतान से पहले सरकारीकर्मी या जनसेवक द्वारा प्रतिदिन पंचिंग करना अनिवार्य किया गया है।
रांची के नामकुम लैम्प्स के मैनेजर नीरज कुमार ने बताया कि सभी किसानों को भुगतान में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी। सरकार ने 2 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई है, ताकि निर्धारित समय में DBT के माध्यम से भुगतान हो सके।
कारण और पृष्ठभूमि
किसानों ने सरकार से आग्रह किया है कि धान खरीद का समय नवंबर के दूसरे सप्ताह में रखा जाए। उनका कहना है कि यदि समय पर भुगतान हो और धान खरीद लिया जाए, तो बिचौलियों का प्रभाव कम होगा। पिछले वर्षों में देर से शुरू होने वाली खरीदारी के कारण किसान पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए बिचौलियों को धान बेच देते थे।
नामकुम लैम्प्स की अध्यक्ष आरती कुजूर ने बताया कि इस साल अच्छी बारिश होने के कारण धान की पैदावार भी बेहतर हुई है। इसके चलते उम्मीद है कि किसान बढ़-चढ़कर धान अधिप्राप्ति केंद्र में अपना धान बेचेंगे।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
जिला आपूर्ति पदाधिकारी राम गोपाल पांडे ने कहा कि रांची में किसानों को भुगतान में कोई परेशानी नहीं होगी और राशि दो से सात दिन के भीतर DBT के माध्यम से भेज दी जाएगी।
गढ़वा जिले में भी धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर धान की खरीदारी शुरू हो गई। गढ़वा सदर प्रखंड के दुबे मरहटिया गांव में डीसी दिनेश यादव ने इस साल की शुरुआत की। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपना धान नजदीकी पैक्स पर ही बेचें और सरकार की सुविधाओं का लाभ उठाएं।
पलामू जिले में 63 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं, जिनमें से सोमवार को 12 केंद्रों की शुरुआत हुई। स्थानीय विधायक आलोक चौरसिया और संजय कुमार सिंह यादव ने अलग-अलग केंद्रों का उद्घाटन किया। जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति किस्कू ने बताया कि पूरे जिले में किसानों से धान खरीदारी का कार्य तेजी से शुरू किया गया है।
जनता और किसानों पर असर
किसानों को भुगतान में समय पर सुविधा मिलने से बिचौलियों के हस्तक्षेप की संभावना कम होगी। इसके अलावा, धान की बेहतर पैदावार और सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था होने से पारदर्शिता बढ़ेगी।
किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा समय पर भुगतान और अधिप्राप्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाने से उनकी आमदनी और आर्थिक सुरक्षा बेहतर होगी।
आगे क्या?
राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि 15 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक सभी धान अधिप्राप्ति केंद्रों में धान खरीदा जाएगा। सभी केंद्रों की साफ-सफाई और अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। आगामी दिनों में भुगतान प्रक्रिया का लगातार मॉनिटरिंग किया जाएगा।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समय पर ही अपने धान को केंद्रों पर बेचें ताकि उनकी आमदनी सुरक्षित रहे और बिचौलियों का प्रभाव कम हो।
निष्कर्ष
झारखंड में धान खरीद की शुरुआत के साथ किसानों को समय पर भुगतान और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपाय किए गए हैं। इस कदम से न केवल किसानों की आमदनी सुरक्षित होगी, बल्कि धान खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी। राज्य सरकार की यह पहल किसानों के हित में एक सकारात्मक कदम साबित हो रही है।









