IPS Tadasha Mishra झारखंड की DGP बनी रहेंगी, रिटायरमेंट से एक दिन पहले सरकार ने किया नियम में संशोधन

IPS Tadasha Mishra झारखंड की DGP बनी रहेंगी, रिटायरमेंट से एक दिन पहले सरकार ने नियम में किया संशोधन

Ranchi। झारखंड सरकार ने सोमवार को भारतीय पुलिस सेवा की वरिष्ठ अधिकारी Tadasha Mishra को राज्य का पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त कर दिया। अब तक कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहीं तदाशा मिश्रा की नियुक्ति के साथ ही झारखंड को पहली महिला DGP मिल गई है। गृह विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है।

1994 बैच की आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा को झारखंड सरकार ने पुलिस बल प्रमुख के सर्वोच्च पद पर औपचारिक रूप से नियुक्त किया है। इससे पहले वे कार्यवाहक डीजीपी थीं और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर पुलिस व्यवस्था का संचालन कर रही थीं। सरकार ने नियुक्ति के लिए नियमावली में संशोधन करते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।

यह नियुक्ति न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अहम है, बल्कि सामाजिक और संस्थागत स्तर पर भी एक बड़ा संदेश देती है। पुलिस महकमे में नेतृत्व की भूमिका में महिला अधिकारी का आना झारखंड के लिए एक नया अध्याय माना जा रहा है।

रिटायरमेंट से एक दिन पहले मिला बड़ा तोहफा

तदाशा मिश्रा 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त होने वाली थीं। लेकिन ठीक एक दिन पहले राज्य सरकार ने उन्हें डीजीपी पद की जिम्मेदारी देकर भरोसा जताया। इसके लिए महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक झारखंड (पुलिस बल प्रमुख) का चयन एवं नियुक्ति नियमावली 2025 में संशोधन किया गया, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप आगे बढ़ाया जा सके।

इस फैसले को सरकार का प्रशासनिक अनुभव पर आधारित कदम माना जा रहा है, जिससे कार्यकाल के अंतिम चरण में भी नेतृत्व की निरंतरता बनी रहे।

अनुराग गुप्ता के इस्तीफे के बाद संभाली थी कमान

इस वर्ष 6 नवंबर को तदाशा मिश्रा को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था। यह नियुक्ति पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के इस्तीफे के एक दिन बाद हुई थी। अनुराग गुप्ता ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। उनकी सेवानिवृत्ति 6 नवंबर 2025 से प्रभावी मानी गई।

विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने अनुराग गुप्ता को डीजीपी पद से हटाया था। इसके बाद राज्य की पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी तदाशा मिश्रा को सौंपी गई थी।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, तदाशा मिश्रा का लंबा प्रशासनिक अनुभव, कानून-व्यवस्था की समझ और नेतृत्व क्षमता इस नियुक्ति के प्रमुख आधार रहे। मुख्यमंत्री Hemant Soren के नेतृत्व वाली सरकार ने स्पष्ट किया कि पुलिस बल को स्थिर और प्रभावी नेतृत्व की जरूरत थी, जिसे तदाशा मिश्रा पूरा करती हैं।

गृह विभाग का मानना है कि उनके कार्यकाल में पुलिसिंग को और अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाएगा।

झारखंड पुलिस के लिए क्या मायने रखती है यह नियुक्ति

तदाशा मिश्रा के डीजीपी बनने से झारखंड पुलिस के भीतर एक सकारात्मक संदेश गया है। महिला अधिकारियों और कर्मियों के लिए यह नियुक्ति प्रेरणादायी मानी जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इससे पुलिस बल में समावेशी नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा।

कानून-व्यवस्था, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा, शहरी अपराध नियंत्रण और साइबर क्राइम जैसे मुद्दों पर उनके अनुभव का लाभ राज्य को मिलेगा।

राज्य की जनता और सामाजिक संगठनों ने इस नियुक्ति का स्वागत किया है। लोगों को उम्मीद है कि पुलिसिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और महिलाओं से जुड़े अपराधों पर सख्त व संवेदनशील कार्रवाई होगी। नागरिक संगठनों का मानना है कि महिला नेतृत्व से पुलिस-जन संबंधों में सुधार आएगा।

तदाशा मिश्रा के सामने आगामी महीनों में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, चुनावी प्रक्रिया के बाद की चुनौतियों से निपटने और पुलिस सुधारों को गति देने की जिम्मेदारी होगी। तकनीक आधारित पुलिसिंग, प्रशिक्षण और आंतरिक अनुशासन उनके एजेंडे में प्रमुख रहने की संभावना है।

तदाशा मिश्रा की डीजीपी के रूप में नियुक्ति झारखंड के प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह फैसला न केवल पुलिस विभाग के लिए बल्कि राज्य की शासन व्यवस्था के लिए भी एक मजबूत संदेश देता है कि अनुभव और नेतृत्व को प्राथमिकता दी जा रही है।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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