Weather Update: मानसून एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताज़ा बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई राज्यों में अगले 4 से 5 दिनों के लिए Heavy Rain Alert जारी कर दिया है।
बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली गिरने (वज्रपात) का दोहरा खतरा मंडरा रहा है। वहीं, राजधानी दिल्ली और राजस्थान के कुछ इलाकों में मौसम का मिज़ाज एकदम उलट रहने वाला है।
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में एडवाइजरी जारी कर दी है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी भागों तक कई नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का संकट गहरा सकता है।
बिहार में आफत की बारिश: 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पटना समेत कई जगह येलो वार्निंग
मौसम विभाग ने बिहार के पश्चिमी जिलों में स्थिति गंभीर रहने की चेतावनी दी है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। इन इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अंदेशा है।
राजधानी पटना, मुजफ्फरपुर, गया, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय, नालंदा, नवादा, सीतामढ़ी और शिवहर में मेघगर्जन और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और भागलपुर जैसे पूर्वी जिले फिलहाल ग्रीन ज़ोन में हैं, जहाँ मौसम सामान्य रहेगा।
झारखंड और छत्तीसगढ़: 40 किमी/घंटा की हवाएं और वज्रपात की चेतावनी
झारखंड में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग और कोडरमा में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का बड़ा खतरा है। अगले 24 घंटों में गुमला, लोहरदगा और लातेहार में स्थिति ‘भारी से अत्यंत भारी बारिश’ तक पहुँच सकती है।
छत्तीसगढ़ में भी दोनों दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश होगी। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक-दो स्थानों पर आकाशीय बिजली और भारी से बहुत भारी बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। स्थानीय प्रशासन ने किसानों और ग्रामीणों को खुले खेतों और पेड़ों के नीचे न जाने की हिदायत दी है।
दिल्ली और राजस्थान में सूखा, मध्य प्रदेश-पहाड़ों पर ऐसा रहेगा हाल
- दिल्ली-एनसीआर: दिल्ली में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहेगा। अधिकतम तापमान 35 से 37°C और न्यूनतम 25 से 27°C के बीच रहने की उम्मीद है। 1 सितंबर को दोपहर बाद हल्की बूंदाबांदी से राहत मिल सकती है।
- राजस्थान: बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर और जयपुर संभाग में मानसूनी गतिविधियां थमी रहेंगी। हालांकि, 3 और 4 सितंबर से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में दोबारा बारिश का दौर लौटेगा।
- मध्य प्रदेश व विदर्भ: पश्चिमी एमपी में हल्की, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 1-2 सितंबर को तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।
- पहाड़ी राज्य: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 4 सितंबर तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
आगे क्या: प्रशासन अलर्ट पर, नदियों के जलस्तर पर पैनी नज़र
आपदा प्रबंधन विभाग (NDRF/SDRF) को संवेदनशील जिलों में स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है। पश्चिमी बिहार और मध्य झारखंड के जिलाधिकारियों ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और राहत टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जब तक मानसून ट्रफ की स्थिति स्थिर नहीं होती, तब तक इन राज्यों में आकाशीय बिजली और तेज हवाओं से सतर्क रहना अनिवार्य है।











