Jharkhand Weather | झारखंड के आसमान में काले घने बादलों का डेरा जम चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने 21 सितंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश और गरज के साथ वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।
शुक्रवार को राज्य के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों और राहगीरों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की कड़ी चेतावनी दी है।
रांची से धनबाद तक अलर्ट: 40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मैदानी स्थिति यह है कि दक्षिण, मध्य और उत्तर-पश्चिम झारखंड के कई जिलों में दोपहर बाद बादलों की गर्जना और बिजली की चमक तेज हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, रांची समेत बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद में तेज हवाओं के साथ बारिश की पूरी संभावना है।
हवा की गति 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों की कमजोर टहनियों और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
[विजुअल सुझाव: रांची या धनबाद में घने बादलों और तेज हवाओं से झुकते पेड़ों की तस्वीर/वीडियो यहाँ देखें]
21 सितंबर तक कैसा रहेगा मिजाज? तारीखवार समझें
- 19 सितंबर: उत्तर-पूर्वी झारखंड (देवघर, दुमका, गोड्डा आदि) में मेघ गर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की प्रबल संभावना।
- 20 सितंबर: राज्य के छिटपुट इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम स्तर की बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट।
- 21 सितंबर: दिनभर आमतौर पर बादल छाए रहेंगे; कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, हालांकि इस दिन के लिए कोई गंभीर चेतावनी नहीं है।
अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े फेरबदल की संभावना नहीं है, जिससे उमस भरी गर्मी से हल्की राहत तो मिलेगी, लेकिन आंधी और वज्रपात की चिंता बरकरार रहेगी।
मॉनसून का विरोधाभास: कहीं बाढ़ जैसे हालात, तो कहीं सूखे की मार
1 जून से 17 सितंबर तक के आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में मॉनसून का वितरण बेहद असंतुलित रहा है:
| जिला | दर्ज बारिश (मिमी) | सामान्य बारिश (मिमी) | स्थिति |
| रांची | 1067.7 | 954.0 | सामान्य से अधिक |
| पूर्वी सिंहभूम | 1039.0 | 1000.8 | +4% अधिक |
| हजारीबाग | 725.9 | 957.2 | भारी कमी |
| कोडरमा | 597.9 | 799.6 | भारी कमी |
| बोकारो | 724.6 | 834.4 | कमी |
सिमडेगा और रांची जैसे जिलों में जहां कोटे से अधिक पानी बरसा है, वहीं धनबाद, साहिबगंज और पाकुड़ में सामान्य से 20 फीसदी से भी कम बारिश दर्ज की गई है। खेतों में खड़ी फसलों को बचाने के लिए किसान अब भी पर्याप्त पानी का इंतजार कर रहे हैं।
[विजुअल सुझाव: झारखंड में कम बारिश के चलते सूखे खेतों में खड़े किसानों की ग्राउंड रिपोर्ट तस्वीर यहाँ देखें]
प्रशासन का अगला कदम: क्या करें नागरिक?
आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम केंद्र ने संवेदनशील इलाकों में एडवाइजरी जारी कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे किसानों को वज्रपात की चेतावनी मिलते ही पक्के मकानों में शरण लेने के निर्देश दिए गए हैं। अगले 72 घंटे बेहद सतर्क रहने के हैं, क्योंकि सितंबर के इस दौर में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सबसे ज्यादा जानलेवा साबित होती हैं।











