Ranchi | झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन आज एक अलग ही अंदाज में नजर आए। राजनीतिक भागदौड़ और फाइलों के अंबार के बीच, सीएम सोरेन निवारणपुर स्थित ऐतिहासिक श्री राम जानकी तपोवन मंदिर पहुंचे। यहाँ उन्होंने न केवल विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, बल्कि मंदिर के भव्य नवनिर्माण कार्यों का जायजा भी लिया। यह दौरा सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संवारने के संकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने श्री राम जानकी और हनुमान जी के चरणों में शीश नवाकर समस्त झारखंड वासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच सीएम सोरेन काफी देर तक वहां रुके और स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की।
तपोवन मंदिर का नया स्वरूप: अयोध्या की तर्ज पर तैयारी?
मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना के बाद मंदिर नवनिर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों और मंदिर समिति के सदस्यों से नक्शे और डिजाइन पर चर्चा की। जिस तरह से तपोवन मंदिर को नया भव्य रूप दिया जा रहा है, वह आने वाले समय में रांची का सबसे बड़ा धार्मिक और पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगा।
निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री को मंदिर नवनिर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि निर्माण कार्य के आगामी चरण क्या होंगे और वर्तमान में पत्थरों की नक्काशी का काम कहाँ तक पहुँचा है। सीएम ने स्पष्ट संकेत दिए कि राज्य सरकार ऐसी धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने काम की गुणवत्ता और समय सीमा को लेकर भी जरूरी सुझाव दिए।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
निवारणपुर के इस तपोवन मंदिर का महत्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक भी है। मंदिर के भव्य निर्माण से:
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: रांची आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनेगा।
- स्थानीय रोजगार: मंदिर के आसपास छोटे व्यवसायों और स्थानीय दुकानदारों की आय में वृद्धि होगी।
- सांस्कृतिक पहचान: झारखंड की राजधानी में एक ऐसा केंद्र तैयार हो रहा है जो राज्य की आस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का मेल होगा।
महंत ओमप्रकाश शरण और समिति से मंत्रणा
इस खास मौके पर मंदिर के महंत श्री ओमप्रकाश शरण और मंदिर नवनिर्माण समिति के श्री प्रणय कुमार सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित थे। समिति ने मुख्यमंत्री को मंदिर की प्राचीनता और इससे जुड़ी लोक-कथाओं के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि “तपोवन की यह भूमि पावन है और इसका विकास जन-जन की आस्था का सम्मान है।”
प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो मंदिर परिसर के आसपास सौंदर्यीकरण और सड़कों के चौड़ीकरण की योजना पर भी जल्द काम शुरू हो सकता है। मुख्यमंत्री की इस यात्रा ने यह साफ कर दिया है कि झारखंड सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को भी प्राथमिकता दे रही है।










