चक्रधरपुर रेल मंडल में हाथियों से 18 MEMU ट्रेनें रद

चक्रधरपुर रेल मंडल में हाथियों से 18 MEMU ट्रेनें रद

Chakradharpur | चक्रधरपुर रेल मंडल में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण एक बार फिर रेल परिचालन प्रभावित हुआ है। 25 से 28 दिसंबर के बीच कुल 18 MEMU ट्रेनों का परिचालन रद कर दिया गया है। रेल प्रशासन ने यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उठाया है।

चक्रधरपुर–राउरकेला रेल खंड और आसपास के इलाकों में हाथियों के झुंड की सक्रियता की सूचना वन विभाग से मिलने के बाद भारतीय रेलवे ने एहतियातन कई ट्रेनों को रद करने का निर्णय लिया।
रेलवे के अनुसार, 25 से 28 दिसंबर तक 12 MEMU ट्रेनें, जबकि 26 से 28 दिसंबर तक 6 MEMU ट्रेनें रद रहेंगी।

बीते 11 दिनों से लगातार चरणबद्ध तरीके से ट्रेनों के रद होने से दैनिक यात्रियों, खासकर नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और छोटे व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

क्यों रद हो रही हैं ट्रेनें?

चक्रधरपुर–राउरकेला–टाटानगर रेल खंड के आसपास रेल लाइन के बेहद करीब हाथियों का विचरण देखा गया है।

  • वन विभाग से जैसे ही हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलती है
  • रेल प्रशासन तत्काल MEMU और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन रोक देता है
  • इसका उद्देश्य हाथियों की सुरक्षा और ट्रेन दुर्घटनाओं की रोकथाम है

यह इलाका लंबे समय से हाथी कॉरिडोर के रूप में जाना जाता है, जहां सर्दियों में हाथियों की गतिविधि बढ़ जाती है।

25 से 28 दिसंबर तक रद रहने वाली ट्रेनें

  • 68025 / 68026 चक्रधरपुर–राउरकेला–चक्रधरपुर MEMU
  • 68043 / 68044 टाटानगर–राउरकेला–टाटानगर MEMU
  • 68029 / 68030 राउरकेला–झारसुगुड़ा–राउरकेला MEMU
  • 58151 / 58152 बीरमित्रपुर–बरसुवान–बीरमित्रपुर पैसेंजर
  • 68125 / 68126 टाटानगर–बड़बिल–टाटानगर MEMU
  • 68019 / 68020 टाटानगर–गुवा–टाटानगर MEMU

26 से 28 दिसंबर तक रद रहने वाली ट्रेनें

  • 68010 / 68009 चक्रधरपुर–टाटानगर–चक्रधरपुर MEMU
  • 68006 टाटानगर–खड़गपुर MEMU
  • 68011 खड़गपुर–टाटानगर MEMU
  • 18175 / 18176 हटिया–झारसुगुड़ा–हटिया MEMU

रेल प्रशासन की प्रतिक्रिया

रेल अधिकारियों का कहना है कि हाथियों से टकराव की एक भी घटना गंभीर परिणाम ला सकती है। इसलिए ट्रेनों का रद किया जाना एक सावधानीपूर्ण और अनिवार्य निर्णय है।
वन विभाग के अनुसार, हाथियों की मूवमेंट पर ड्रोन और ग्राउंड पेट्रोलिंग के जरिए नजर रखी जा रही है।

रेल यात्रियों पर असर (Impact)

  • दैनिक यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है
  • बस और निजी वाहनों का किराया बढ़ा
  • छात्रों और कर्मचारियों की समयबद्ध आवाजाही प्रभावित
  • छोटे व्यापारियों की आर्थिक गतिविधियों पर असर

यात्रियों ने रेलवे से पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।

रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि

  • हाथियों की गतिविधि सामान्य होते ही ट्रेनों का परिचालन बहाल किया जाएगा
  • वन विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा जा रहा है
  • यात्रियों को रेलवे हेल्पलाइन और आधिकारिक वेबसाइट से अपडेट लेने की सलाह दी गई है

चक्रधरपुर रेल मंडल में हाथियों की बढ़ती आवाजाही ने एक बार फिर रेल परिचालन की चुनौती खड़ी कर दी है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेनें रद करना जरूरी कदम है, लेकिन लंबे समय तक यह स्थिति बनी रही तो यात्रियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। अब सभी की नजरें वन विभाग की अगली रिपोर्ट और रेल प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हैं।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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