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Jharkhand News

शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई, वरिष्ठ आईएएस विनय कुमार चौबे गिरफ्तार

रांची से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। झारखंड के सीनियर आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर शराब घोटाले में गहरी संलिप्तता का आरोप है। सुबह-सवेरे एसीबी की टीम उनके आवास पर पहुंची और उन्हें सीधे अपने कार्यालय लेकर गई।

पूरे दिन चली पूछताछ के बाद शाम को मेडिकल टीम के दफ्तर पहुंचने से संकेत मिल गया था कि बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। अंततः शाम 4:30 बजे के करीब विनय चौबे को कोर्ट के लिए रवाना कर दिया गया।

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एसीबी का दावा—सरकारी पद का हुआ दुरुपयोग

एसीबी ने बताया कि तत्कालीन उत्पाद सचिव रहते हुए चौबे ने प्लेसमेंट एजेंसियों का गलत तरीके से चयन किया। इसके चलते राज्य सरकार को लगभग 38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जालसाजी, धोखाधड़ी और अनैतिक लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया।

एसीबी ने 20 मई 2025 को इस मामले में केस संख्या 9/25 दर्ज की। इसमें तत्कालीन संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह का भी नाम शामिल है। दोनों अधिकारियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) और भारत न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत नामजद किया गया।

जांच में उजागर हुई बड़ी साजिश

अनुसंधान के दौरान स्पष्ट हुआ कि यह पूरा मामला मार्च 2022 से जुड़ा है, जब झारखंड में छत्तीसगढ़ मॉडल पर आधारित नई उत्पाद नीति लागू की गई थी। माना जाता है कि इस योजना के पीछे मुख्य भूमिका विनय चौबे की थी।

नई नीति के लागू होते ही नकली होलोग्राम और अवैध शराब की आपूर्ति ने राज्य के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया। इस पूरे मामले की शिकायत अरगोड़ा निवासी विकास सिंह ने की थी, जिसके बाद यह कार्रवाई शुरू हुई।

ईडी की जांच से भी घिरे थे चौबे

ईडी ने भी शराब घोटाले की जांच में विनय कुमार चौबे और गजेंद्र सिंह से रायपुर में पूछताछ की थी। इसके बाद दोनों अधिकारियों के घरों पर ईडी की छापेमारी हुई थी। छत्तीसगढ़ में करीब 2000 करोड़ का घोटाला सामने आया है, जिसमें कई अधिकारी और कारोबारी जेल जा चुके हैं।

ईसीआईआर दर्ज होने के बाद चौबे की स्थिति लगातार कमजोर होती गई। सीएमओ से हटाने के बाद फिलहाल वे पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव पद पर कार्यरत थे।

एक दौर में थे सीएम के करीबी, अब जेल के रास्ते पर

कभी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बेहद करीबी रहे विनय चौबे के पास कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। स्मार्ट सिटी, नगर विकास और फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स में उनकी अहम भूमिका थी। लेकिन विवादों में घिरते ही उनकी साख तेजी से गिरती गई।

अब एसीबी की गिरफ्त में आने के बाद उनकी प्रशासनिक साख पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। राज्य प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में यह कार्रवाई बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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