Ranchi | राजधानी रांची के बीआईटी मेसरा इलाके में बीती रात चोरों ने एक बड़ी सर्राफा दुकान को निशाना बनाकर पुलिसिया गश्ती पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने शातिराना अंदाज में दुकान का ताला काटा और करीब 65 लाख 42 हजार रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी लेकर रफूचक्कर हो गए।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही स्थानीय दुकानदारों और सर्राफा व्यवसायियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। घटना की भनक लगते ही पुलिस महकमे समेत अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज की टीम मौके पर पहुंच गई है।
आधी रात को बीआईटी चौक पर क्या हुआ?
यह वारदात बीआईटी चौक स्थित कौशल्या कॉम्पलेक्स की है। यहाँ दरगाह मंदिर के ठीक सामने लोहरा कोचा के रहने वाले पशुपति नाथ सोनी की ‘पीपी ज्वेलर्स’ नाम से दुकान है। 10 जून की रात पशुपति रोजाना की तरह दुकान बढ़ाकर घर गए थे। इसी बीच देर रात शातिर चोरों ने कटर से दुकान का मजबूत ताला काटा और अंदर दाखिल हो गए।
दुकान के अंदर रखे लॉकर और काउंटरों को खंगालते हुए चोरों ने कीमती आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित व्यवसायी पशुपति नाथ सोनी ने बीआईटी मेसरा ओपी (आउटपोस्ट) में जो लिखित शिकायत दी है, उसके आंकड़े हैरान करने वाले हैं।
गायब हुए 11 किलो चांदी और पाव भर सोना
चोरों ने दुकान में रखे छोटे-बड़े हर कीमती जेवरात को अपनी पोटली में समेट लिया। पीड़ित व्यवसायी के मुताबिक, दुकान से कुल मिलाकर:
- सोना: लगभग 295 ग्राम 173 मिलीग्राम
- चांदी: करीब 11 किलो 396 ग्राम
- कैश: काउंटर में रखे 6 हजार रुपये नगद
इस पूरी चोरी की अनुमानित बाजार कीमत 65 लाख 42 हजार रुपये बताई जा रही है, जो किसी भी मध्यमवर्गीय सर्राफा व्यापारी की कमर तोड़ने के लिए काफी है।
[घटनास्थल यानी पीपी ज्वेलर्स के कटे हुए ताले और बिखरे सामान की तस्वीर यहाँ देखें]
“अब दुकान चलाना मुश्किल” – ग्राउंड जीरो पर फूटा व्यापारियों का गुस्सा
घटना की खबर फैलते ही बीआईटी चौक पर दर्जनों व्यापारी जमा हो गए। अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन (रजि.) के पदाधिकारियों ने तुरंत पीड़ित व्यवसायी से मुलाकात की और घटनास्थल का मुआयना किया।
मैदान पर मौजूद व्यापारियों की आंखों में डर और व्यवस्था के खिलाफ गुस्सा साफ दिख रहा था। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सीधे बीआईटी मेसरा थाना प्रभारी से मुलाकात कर अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद सोनी ने ग्राउंड पर मीडिया से बात करते हुए कहा: “यह सिर्फ एक दुकान में चोरी नहीं है, बल्कि रांची के पूरे व्यापारिक सुरक्षा तंत्र को चुनौती है। लगातार बढ़ती चोरियां यह साबित करती हैं कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। अगर जल्द ही माल बरामद नहीं हुआ और चोर नहीं पकड़े गए, तो व्यापारी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।”
इस दौरान मौके पर संगठन मंत्री राजेश प्रसाद साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष शंभू प्रसाद, महानगर अध्यक्ष पंकज प्रसाद, त्रिभुवन प्रसाद और मनोज सोनी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे, जिन्होंने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल: क्या कर रही थी पुलिस?
स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि बीआईटी मेसरा जैसे व्यस्त और शैक्षणिक इलाके में भी रात के वक्त पुलिसिंग ढीली पड़ जाती है। व्यवसायियों ने प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
- बाजार क्षेत्रों में नियमित और प्रभावी रात्रि गश्ती (Night Patrolling) बढ़ाई जाए।
- बीआईटी चौक और आसपास के व्यावसायिक परिसरों में सीसीटीवी कैमरों का जाल मजबूत हो।
- सर्राफा बाजारों के पास विशेष सुरक्षा बल तैनात किया जाए।
What Next: क्या है पुलिस का अगला कदम?
लिखित एफआईआर दर्ज होने के बाद बीआईटी मेसरा ओपी पुलिस पूरी तरह रेस हो गई है। पुलिस की एक स्पेशल टीम कॉम्पलेक्स और उसके आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि चोरों के आने और भागने के रूट का सुराग मिल सके। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि कुछ संदिग्ध इनपुट्स मिले हैं और जल्द ही इस बड़ी चोरी का खुलासा कर दिया जाएगा। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या व्यापारियों का खोया हुआ भरोसा और ₹65 लाख का सोना-चांदी वापस मिल पाएगा?


