ब्रेकिंग न्यूज़
लोड हो रहा है... ताज़ा खबरों के लिए बने रहें...
Advertisement
Bengal News

जहांगीर खान गिरफ्तार, फाल्टा की सड़कों पर हाफ पैंट में घुमाया

फाल्टा (दक्षिण 24 परगना): पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर आ रही है। डायमंड हार्बर के सांसद और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले बाहुबली नेता जहांगीर खान को पुलिस ने फाल्टा की सड़कों पर हाफ पैंट और टी-शर्ट में घुमाया है। जबरन वसूली (Extortion) के गंभीर आरोपों में घिरे जहांगीर को देखने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

नेपाल भागने की फिराक में लगे जहांगीर खान को एसटीएफ (STF) ने भारत-नेपाल सीमा से दबोचा था। कोर्ट में पेशी के बाद जब पुलिस उसे लेकर फाल्टा के चप्पे-चप्पे पर मुआयना करने निकली, तो इलाके का माहौल पूरी तरह बदल गया। कभी जिस जहांगीर के नाम से फाल्टा का पूरा इलाका कांपता था, उसे इस हालत में देखकर हर कोई हैरान रह गया।

Advertisement

विपक्षी दलों ने जहांगीर खान की इस हालत पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे ‘कानून का राज’ बताया है। दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खेमे में इस घटना के बाद से पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है और कोई भी खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

चश्मदीदों की जुबानी: भारी सुरक्षा घेरे में ‘डॉन’ की परेड

ग्राउंड जीरो यानी फाल्टा के उस बाजार में जहां कभी जहांगीर खान का सिक्का चलता था, आज वहां सन्नाटा भी था और कौतूहल भी। दोपहर के वक्त अचानक पुलिस की गाड़ियों का सायरन गूंजा और देखते ही देखते भारी सुरक्षा घेरे के बीच जहांगीर खान को गाड़ी से नीचे उतारा गया।

[फाल्टा की सड़कों पर जहांगीर खान को ले जाती पुलिस की तस्वीर/वीडियो यहाँ देखें]

चश्मदीदों के मुताबिक, जहांगीर ने केवल एक शॉर्ट्स (हाफ पैंट) और टी-शर्ट पहन रखी थी। पुलिस उसे उन जगहों पर ले गई जहां से जबरन वसूली और रंगदारी के आरोप लगे थे। साक्ष्य जुटाने और घटना स्थल का मुआयना करने के लिए पुलिस उसे उसके पैतृक घर भी लेकर गई।

डर का साम्राज्य खत्म? स्थानीय जनता में सुगबुगाहट

जहांगीर खान का दक्षिण 24 परगना के इस पूरे बेल्ट में कितना खौफ था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग अभी भी कैमरे पर बोलने से कतरा रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक स्थानीय दुकानदार ने बताया:

“हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जहांगीर भाई को इस हालत में देखना पड़ेगा। चुनाव के समय इनका ही हुक्म चलता था। आज पुलिस इन्हें आम कैदी की तरह घुमा रही है, यह देखकर यकीन नहीं हो रहा।”

नेपाल भागने की साजिश और एसटीएफ का एक्शन

जहांगीर खान को भनक लग चुकी थी कि पुलिस उसके खिलाफ बड़ा शिकंजा कसने वाली है। यही वजह थी कि वह राज्य छोड़कर भारत-नेपाल बॉर्डर के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में था। लेकिन स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे बॉर्डर के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे तुरंत डायमंड हार्बर की अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने जांच के लिए उसकी रिमांड हासिल की।

राजनीतिक गलियारों में हड़कंप, टीएमसी ने साधी चुप्पी

अभिषेक बनर्जी का करीबी होने के कारण जहांगीर खान पर हाथ डालना पुलिस के लिए कभी आसान नहीं माना जाता था। विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि जहांगीर ने पूरे क्षेत्र में आतंक फैलाकर चुनाव प्रभावित किए थे।

इस हाई-प्रोफाइल एक्शन पर जब स्थानीय पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने चल रही जांच का हवाला देते हुए कुछ भी विस्तृत बताने से इनकार कर दिया। हालांकि, अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पुलिस के पास जबरन वसूली के पुख्ता सबूत हैं और कई और सफेदपोश नाम इस जांच की जद में आ सकते हैं।

अब आगे क्या? (What Next)

जहांगीर खान की इस तरह की परेड ने यह साफ संदेश दे दिया है कि प्रशासन अब इस मामले में किसी भी राजनीतिक दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। पुलिस का अगला कदम जहांगीर के बैंक खातों, बेनामी संपत्तियों और रंगदारी के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या तृणमूल कांग्रेस इस बाहुबली नेता से पूरी तरह किनारा कर लेती है, या आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में इस मुद्दे पर कोई नया मोड़ आता है।

Related Stories & Ads

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now