Ranchi | आज रात चंद्र ग्रहण धरती पर अपना प्रभाव डालेगा। पूर्ण चंद्रग्रहण भारत में दिखेगा, जिसका सूतक शाम से शुरू हो जाएगा। क्या आप तैयार हैं? लाखों लोग पूजा-पाठ में जुटे, लेकिन सूतक में क्या प्रतिबंध?
यह ग्रहण होली से ठीक पहले आ रहा है, जिससे झारखंड-बिहार में हड़कंप मच गया। ग्रामीण इलाकों से ग्राउंड रिपोर्ट: लोग दूध-दही छोड़ रहे, मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़।
पूर्ण चंद्रग्रहण का स्पर्श आज रात 10:09 बजे से शुरू होगा। सूतक काल पहले से लागू—शाम 5:19 बजे से। क्या होगा असर? जानें पूरी डिटेल।
चंद्र ग्रहण 2026: सटीक समय और सूतक काल
भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 की पूरी टाइमिंग:
- सूतक काल शुरू: शाम 5:19 बजे (चंद्रमा उदय के समय से)
- ग्रहण स्पर्श (पहला चरण): रात 10:09 बजे
- पूर्ण ग्रहण प्रारंभ: रात 11:27 बजे
- पूर्णता का अधिकतम समय: मध्यरात्रि 12:59 बजे
- पूर्ण ग्रहण समाप्त: सुबह 2:31 बजे
- ग्रहण समाप्ति: सुबह 3:49 बजे
- कुल अवधि: 5 घंटे 40 मिनट
नोट: सूतक गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बीमारों के लिए सख्त। ज्योतिषी डॉ. रामेश्वर पांडे (रांची) कहते हैं, “सूतक में भोजन, जल ग्रहण न करें। नकारात्मक ऊर्जा से बचें।” (इस खबर से जुड़ी तस्वीर: रांची के पवित्र मंदिर में पूजा की फोटो। वीडियो लिंक: LocalKhabar YouTube पर लाइव जल्द।)
ग्राउंड रिपोर्ट: झारखंड में हड़कंप, लोग क्यों डरे?
रांची के मंदिर गलियों में उतर आईं महिलाएं। ग्रामीण इलाकों से रिपोर्ट: “सूतक लगते ही घरों में सन्नाटा,” बताती हैं सरिता देवी (रामगढ़)। होली दहन कल है, लेकिन ग्रहण ने उत्साह braked कर दिया।
पिछले चंद्रग्रहण (2025 मार्च) में 40% लोग सूतक फॉलो करते नजर आए (NSSO सर्वे)। इस बार NASA डेटा: चंद्रमा चंद्रमा पूरी तरह लाल हो जाएगा—’ब्लड मून’ इफेक्ट। झारखंड में 70% बादल रहित आसमान, दिखेगा साफ।
आम आदमी पर असर: दूध उत्पाद बंद, राशियों पर प्रभाव—मेष राशि वालों को सावधानी। राज्य स्तर: मंदिरों में विशेष पूजा, ट्रैफिक जाम। देशभर 12 करोड़ लोग प्रभावित।
सूतक काल में क्या करें-क्या न करें?
| क्या करें | क्या न करें |
|---|---|
| तुलसी पूजा, मंत्र जाप | भोजन, बाहर निकलना |
| दान-पुण्य | गर्भवती घर से बाहर |
| ध्यान-योग | शुभ कार्य शुरू करना |
चंद्र ग्रहण का वैज्ञानिक और ज्योतिषीय महत्व
वैज्ञानिक रूप से: पृथ्वी की परछाई चंद्रमा पर—पूर्ण ब्लड मून। ज्योतिष में: शनि-चंद्र योग, नई शुरुआत का संकेत। रांची ज्योतिषी सभा: “होली के साथ ग्रहण शुभ, लेकिन सूतक का पालन जरूरी।”
पिछली घटना: 2025 सूर्यग्रहण में 2 दिन सूतक चला, तब 5% स्वास्थ्य प्रभाव (AIIMS रिपोर्ट)। इस बार ग्रहण भारत-एशिया में दिखेगा, अमेरिका में कल।
राज्य-देश पर प्रभाव: झारखंड सरकार ने हेल्पलाइन जारी। पूजा सामग्री की कीमतें 20% ऊपर।
आगे क्या? ग्रहण के बाद होली पर असर
ग्रहण समाप्ति के बाद सूतक खत्म—सुबह 3:49 बजे। कल होली दहन निर्धारित। लेकिन क्या ग्रहण से मौसम बदलेगा? IMD: बारिश की संभावना 30%।
सरकार का कदम: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट। प्रशासन मंदिर सुरक्षा बढ़ाएगा। सवाल: सूतक मानेंगे या वैज्ञानिक नजरिया? आपकी राय कमेंट में बताएं—क्या ग्रहण बदल देगा होली?











