रांची में संपन्न हुआ 11वां पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा फुटबॉल टूर्नामेंट

रांची में संपन्न हुआ 11वां पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा फुटबॉल टूर्नामेंट

रांची में खेल प्रेमियों के बीच लंबे इंतजार के बाद 11वां पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा चैलेंज ट्रॉफी फुटबॉल टूर्नामेंट 2025 का समापन भव्य समारोह के साथ संपन्न हुआ। रामदयाल मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना।

23 अगस्त 2025 को शुरू हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट ने राज्यभर में खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में उत्साह का संचार किया। फाइनल मुकाबले में हाटू कोड़ा सतयारी टोली ने दमदार प्रदर्शन करते हुए मामा स्पोर्टिंग रातू को 3-2 से हराया और विजेता ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

फुटबॉल की धरती झारखंड और नई ऊर्जा

इस अवसर पर आयोजित समापन समारोह में खिलाड़ियों और विजेता टीम को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों की हौसला-अफजाई करते हुए कहा कि फुटबॉल झारखंड की पहचान है और इस धरती पर खेल की गहरी जड़ें हैं।

महतो ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन न केवल युवाओं को खेल भावना से जोड़ते हैं, बल्कि समाज में एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं। उन्होंने उद्घाटन समारोह की याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही इस टूर्नामेंट को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई थी।

खिलाड़ियों को मिला बड़ा मंच

रामदयाल मुंडा फुटबॉल स्टेडियम पिछले कई वर्षों से इस टूर्नामेंट का साक्षी रहा है। यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और खुद को साबित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ी इस आयोजन के माध्यम से अपनी खेल क्षमता को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर पाते हैं।

टूर्नामेंट का मकसद केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल के माध्यम से सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करना भी इसका अहम उद्देश्य है। यही कारण है कि हर साल यहां खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता है।

खिलाड़ियों को मिला बड़ा मंच

विजेताओं का सम्मान और भविष्य की उम्मीदें

फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाली दोनों टीमों के खिलाड़ियों की जमकर सराहना हुई। विजेता टीम हाटू कोड़ा सतयारी टोली को जहां ट्रॉफी से नवाजा गया, वहीं उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विशेष सम्मान दिया गया।

समापन भाषण में सुदेश महतो ने यह स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में इस टूर्नामेंट को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान दिलाई जाएगी। उन्होंने आयोजकों को धन्यवाद देते हुए आशा जताई कि झारखंड का यह टूर्नामेंट देशभर में फुटबॉल प्रेमियों को आकर्षित करेगा।

खेल भावना से समाज को जोड़ता टूर्नामेंट

यह आयोजन यह साबित करता है कि फुटबॉल महज एक खेल नहीं, बल्कि झारखंड की संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने का अहम हिस्सा है। यहां प्रतिभा और परंपरा का ऐसा संगम होता है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता है।

इस बार का 11वां पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा चैलेंज ट्रॉफी फुटबॉल टूर्नामेंट न केवल खिलाड़ियों के लिए यादगार रहा, बल्कि झारखंड की खेल परंपरा को और मजबूत करने वाला साबित हुआ।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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