विक्रांत मैसी को मिला नेशनल अवॉर्ड, ’12th फेल’ ने लिखा इतिहास

Subhash Shekhar
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नई दिल्ली। बॉलीवुड के प्रतिभाशाली अभिनेता विक्रांत मैसी ने अपनी दमदार अदाकारी के दम पर भारतीय सिनेमा में नया इतिहास रच दिया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें फिल्म ‘12th फेल’ के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड दिया गया। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है बल्कि एक प्रेरणादायी कहानी को पर्दे पर जिंदा करने की मिसाल भी है।

संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा

फिल्म 12th फेल में विक्रांत ने मनोज कुमार शर्मा का किरदार निभाया है, जो तमाम कठिनाइयों को पार कर आईपीएस अधिकारी बनते हैं। उनका अभिनय बेहद संवेदनशील और यथार्थपूर्ण रहा, जिसने दर्शकों के दिलों को गहराई से छुआ। विक्रांत ने हर संघर्ष, असफलता और विजय को इतनी ईमानदारी से जिया कि दर्शक खुद को उस सफर का हिस्सा महसूस करने लगे।

सिनेमा जगत के विशेषज्ञों का कहना है कि यह अवॉर्ड इस साल की सबसे योग्य जीतों में से एक है। विक्रांत की यह सफलता यह साबित करती है कि सच्ची कहानियाँ और ईमानदार परफॉर्मेंस हमेशा दर्शकों के दिल जीतती हैं।

एक आंदोलन बनी ‘12th फेल’

यह फिल्म सिर्फ एक सिनेमाई अनुभव नहीं रही, बल्कि लाखों युवाओं और सपने देखने वालों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई। संघर्ष और हार के बावजूद हार न मानने का जज्बा इस कहानी के केंद्र में रहा। विक्रांत की शानदार अदाकारी ने इस फिल्म को एक आंदोलन का रूप दिया, जो आज भी आम लोगों के बीच गूंज रहा है।

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इंडस्ट्री के दिग्गजों से लेकर आम दर्शकों तक, सभी ने विक्रांत की इस जीत का स्वागत किया है। उनका मानना है कि टेलीविजन से शुरुआत कर नेशनल अवॉर्ड तक पहुँचना उनकी कड़ी मेहनत और लगन का नतीजा है।

नई चुनौतियों की ओर कदम

विक्रांत अब अपनी अगली फिल्म ‘व्हाइट’ की तैयारी में जुटे हैं। यह एक ऐतिहासिक ड्रामा बायोपिक है जिसमें वे आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की भूमिका निभाएंगे। इस चुनौतीपूर्ण किरदार के जरिए वे फिर से अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देने जा रहे हैं।

फिल्म जानकारों का कहना है कि अलग-अलग विषयों और अनोखी कहानियों को चुनना ही विक्रांत को अन्य अभिनेताओं से अलग करता है। उनकी यही सोच उन्हें इस पीढ़ी का सबसे बेहतरीन अभिनेता साबित करती है।

नेशनल अवॉर्ड जीतकर विक्रांत मैसी ने दिखा दिया है कि सच्चा टैलेंट और कड़ी मेहनत कभी अनदेखी नहीं की जाती। 12th फेल के जरिए उन्होंने न केवल दर्शकों का दिल जीता बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्तंभ भी बन गए। अब सभी की निगाहें उनकी नई फिल्म ‘व्हाइट’ पर टिकी हैं, जो उनके करियर में एक और मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
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