New Delhi | मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बारूद की गंध फैल गई है। अमेरिकी सेना (US CENTCOM) ने ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर अब तक का सबसे विनाशकारी हवाई हमला किया है।
इस अचानक हुई सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने पिछले महीने हुए द्विपक्षीय सीजफायर को तोड़कर अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में यह एक्शन लिया गया है।
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले का मुख्य मकसद ईरान की युद्धक क्षमता को पूरी तरह पंगु बनाना है। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों परमाणु संपन्न क्षेत्रों के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।
दहक उठा मिडिल ईस्ट: होर्मुज स्ट्रेट में भारी तबाही
ग्राउंड जीरो से आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर सिरीक और बंदर अब्बास तड़के सुबह तेज धमाकों की आवाजों से गूंज उठे। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि धमाके इतने जोरदार थे कि कई किलोमीटर दूर तक रिहायशी इलाकों की खिड़कियां कड़कड़ा उठीं। होर्मुज स्ट्रेट, जहां से दुनिया का एक-तिहाई तेल गुजरता है, इस वक्त पूरी तरह से अमेरिकी युद्धपोतों और ईरानी सर्विलांस ड्रोन्स की जद में है।
इन ठिकानों को अमेरिकी फाइटर जेट्स ने बनाया निशाना
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, खुफिया इनपुट के आधार पर बेहद सटीक हमले किए गए हैं। अमेरिकी एयरफोर्स और नेवी ने संयुक्त रूप से ईरान के इन संवेदनशील ठिकानों को तबाह कर दिया:
- एयर डिफेंस सिस्टम और तटीय निगरानी प्रणाली: ताकि ईरान अमेरिकी विमानों को ट्रैक न कर सके।
- सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (SAM): ईरान के मिसाइल डिफेंस को पूरी तरह ध्वस्त किया गया।
- एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च पैड्स: इन्हीं ठिकानों से कमर्शियल तेल टैंकरों पर हमले किए जा रहे थे।
सीजफायर का उल्लंघन या बड़ी साजिश? अमेरिका का तर्क
वाशिंगटन से मिल रही खबरों के अनुसार, पेंटागन इस हमले को एक ‘जवाब’ के तौर पर देख रहा है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन बड़े कमर्शियल जहाजों और तेल टैंकरों पर हमला कर निर्दोष नागरिकों की जान खतरे में डाली।
अमेरिकी प्रशासन ने इसे ‘गैर-जरूरी और खतरनाक आक्रामकता’ बताते हुए साफ किया कि पिछले महीने हुए द्विपक्षीय युद्धविराम को ईरान ने खुद अपने हाथों से दफन कर दिया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का आधिकारिक बयान: “अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ शक्तिशाली हमलों की एक श्रृंखला शुरू की है ताकि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में निर्दोष नागरिकों की क्रू वाले कमर्शियल जहाजों पर किए गए हमलों की भारी कीमत वसूली जा सके।”
“परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे अमेरिका” – ईरान की खुली चेतावनी
इस विनाशकारी हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में आपातकालीन रक्षा बैठक बुलाई गई है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर बेहद सख्त लहजे में अमेरिका को चेतावनी दी है।
ईरान ने साफ किया है कि अमेरिका ने इस हमले के जरिए अंतरराष्ट्रीय नियमों और समझौते का खुला उल्लंघन किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा:
“हम अमेरिका द्वारा समझौते का उल्लंघन किए जाने के गंभीर नतीजों के बारे में खुली चेतावनी देते हैं। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए कोई भी जवाबी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।”
व्हाट नेक्स्ट (What Next): अब आगे क्या होगा?
इस हमले के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक उछाल आने की आशंका बढ़ गई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान चुप बैठने वालों में से नहीं है; वह होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह ब्लॉक कर सकता है या अमेरिकी ठिकानों पर ‘प्रॉक्सी वॉर’ तेज कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र (UN) इस मामले पर आज रात ही एक आपातकालीन बैठक बुला सकता है। दुनिया भर की नजरें अब ईरान के अगले सैन्य कदम पर टिकी हैं कि क्या यह संघर्ष एक पूर्ण युद्ध का रूप ले लेगा।











