Ranchi | झारखंड की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर राजधानी रांची से आ रही है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में राज्य की वर्तमान स्थिति को लेकर आर-पार की रणनीति तैयार कर ली गई है।
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में राज्य की ध्वस्त कानून व्यवस्था और जेपीएससी परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर भाजपा ने हेमंत सरकार के खिलाफ चौतरफा घेराबंदी का मन बना लिया है। आगामी दिनों में सड़क से लेकर सदन तक बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
अंदरूनी बैठक से ग्राउंड रिपोर्ट: बंद कमरे में तैयार हुआ ‘मिशन झारखंड’ का ब्लूप्रिंट
रांची के प्रदेश कार्यालय में सुबह से ही हलचल तेज थी। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में शुरू हुई इस बैठक का एजेंडा साफ था—जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरना और संगठन को चुनावी मोड में लाना। बैठक के भीतर मौजूद सूत्रों के मुताबिक, करीब तीन घंटे तक चली इस माथापच्ची में हर एक नेता के चेहरे पर गंभीरता साफ दिख रही थी।
कानून व्यवस्था पर तीखे तेवर: “पुलिस के सामने हो रही हत्याएं”
बैठक खत्म होने के बाद प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह मीडिया के कैमरों के सामने आए। उनके बयानों में सरकार के खिलाफ तीखा आक्रोश था। ग्राउंड जीरो पर लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति का जिक्र करते हुए मनोज सिंह ने सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता को जिम्मेदार ठहराया।
“राज्य सरकार की अकर्मण्यता के कारण पूरे प्रदेश की विधि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। आज हालात यह हैं कि पुलिस के सामने सरेआम हत्याएं हो रही हैं और पुलिस कस्टडी में ज्यादती के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।” — मनोज सिंह, प्रदेश महामंत्री, भाजपा
युवाओं और किसानों के बहाने सरकार पर चौतरफा हमला
बैठक में केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं और अन्नदाताओं से जुड़े संकट पर भी विस्तृत चर्चा हुई। भाजपा अब इन दोनों वर्गों को साधकर सरकार के खिलाफ एक बड़ा जनांदोलन खड़ा करने की तैयारी में है।
जेपीएससी धांधली बना बड़ा हथियार
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं को लेकर राज्य के युवाओं में लंबे समय से आक्रोश है। भाजपा ने इस मुद्दे को लपकते हुए इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है। कोर कमेटी में शामिल दिग्गज नेताओं ने एक सुर में कहा कि जेपीएससी में धांधली के खिलाफ पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
किसानों को खाद-बीज का संकट
चूंकि इस समय बरसात का मौसम है, इसलिए ग्रामीण इलाकों में किसानों की समस्याएं बढ़ गई हैं। बैठक में मौजूद नेताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि ऐन बुआई के वक्त किसानों को समुचित मात्रा में खाद और बीज नहीं मिल पा रहे हैं। ब्लैक मार्केटिंग और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के कारण किसान परेशान हैं।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी: एकजुटता का बड़ा संदेश
इस बैठक की सबसे खास बात इसमें शामिल होने वाले चेहरों की फेहरिस्त थी। मंच पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा जैसे कद्दावर नेता एक साथ बैठे नजर आए।
इसके अलावा राज्यसभा सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, रविन्द्र कुमार राय, दिनेशानंद गोस्वामी, भानु प्रताप शाही, गणेश मिश्रा और अमर कुमार बाउरी की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि भाजपा इस बार पूरी ताकत और एकजुटता के साथ मैदान में उतर रही है।
सिस्टम की घेराबंदी और भाजपा का अगला कदम भाजपा कोर कमेटी की इस बैठक से साफ है कि आने वाले दिन झारखंड की राजनीति के लिए बेहद उथल-पुथल भरे होने वाले हैं। सांगठनिक स्तर पर एसआईआर (SIR) में पार्टी अपनी भूमिका को और मजबूत करने जा रही है। किसानों को खाद-बीज दिलाने और जेपीएससी के खिलाफ युवाओं को एकजुट करने के लिए भाजपा जल्द ही जिला स्तर पर बड़े प्रदर्शनों की तारीखों का एलान कर सकती है। अब देखना यह होगा कि भाजपा के इन हमलावर तेवरों का जवाब सत्ताधारी गठबंधन किस तरह देता है।











