Ranchi | मौसम विभाग (IMD) ने देश के एक बड़े हिस्से के लिए अगले 5 दिनों का महाअलर्ट जारी कर दिया है। उत्तर से लेकर मध्य और पश्चिमी भारत तक, मानसून की रफ्तार अब और ज्यादा आक्रामक होने वाली है। 7 से 12 जुलाई के बीच कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
दिल्ली-एनसीआर समेत यूपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में कुदरत का दोहरा असर देखने को मिल सकता है। कहीं बादलों की गड़गड़ाहट के साथ तेज हवाएं चलेंगी, तो कहीं पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग ने आम जनता से लेकर स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने की सलाह दी है।

उत्तर भारत में आफत की बारिश: पहाड़ों से मैदानों तक चेतावनी
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में अगले 5 दिन बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं। पहाड़ों पर जाने वाले पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
पंजाब, हरियाणा और यूपी में कैसा रहेगा हाल?
- पंजाब और हरियाणा: पंजाब में 7 से 9 जुलाई और फिर 11 से 12 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। वहीं चंडीगढ़ और हरियाणा में 7 से 9 जुलाई तक मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने की आशंका है।
- उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 12 जुलाई तक लगातार अच्छी और भारी बारिश का दौर चलेगा, जिससे किसानों को राहत तो मिलेगी लेकिन निचले इलाकों में जलभराव का संकट खड़ा हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर: 40 किमी की रफ्तार से हवाएं और गरज-चमक
देश की राजधानी दिल्ली में 7 से 9 जुलाई के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला रहेगा। आसमान में काले बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।
ग्राउंड रिपोर्ट अपडेट: 7 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही ठंडी हवाओं के साथ बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। दोपहर तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। इस दौरान दिल्ली का अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट सकता है, जिससे उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

राजस्थान और गुजरात: डिप्रेशन के चलते मौसम हुआ उग्र
राजस्थान में मानसून पूरी तरह से एक्टिव है। इसका मुख्य कारण दक्षिण-पूर्वी झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना गहरा डिप्रेशन (कम दबाव का क्षेत्र) है, जो अगले 24 घंटों में दक्षिण-पश्चिम की तरफ बढ़ने वाला है।
राजस्थान के इन जिलों में अतिभारी बारिश का डर
इसके असर से उदयपुर, कोटा, जयपुर, भरतपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग में 9 जुलाई तक मूसलाधार बारिश का दौर चलेगा। खासकर कोटा और उदयपुर संभाग में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि यहाँ कुछ जगहों पर ‘अतिभारी बारिश’ का अनुमान है। हालांकि, 10 जुलाई के बाद से पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी।
गुजरात में रेड और ऑरेंज अलर्ट
दक्षिण गुजरात में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद अब संकट और बढ़ गया है। मंगलवार (7 जुलाई) को उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।
- महाखतरा: सूरत, तापी, डांग, नवसारी, वलसाड, दमन और भावनगर में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
- अलर्ट पर अन्य जिले: नर्मदा, भरूच, अमरेली, वडोदरा और गिर सोमनाथ में भी जिला प्रशासन को जलभराव से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।

मध्य भारत: एमपी और छत्तीसगढ़ में लगातार बरसेगा पानी
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मानसून की स्थिति बेहद मजबूत बनी हुई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 से 9 जुलाई और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 10 जुलाई के बीच भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके बाद 11 और 12 जुलाई को बारिश थोड़ी धीमी जरूर होगी, लेकिन हल्की से मध्यम फुहारें गिरती रहेंगी। विदर्भ में 7-8 जुलाई और छत्तीसगढ़ में 7 और 12 जुलाई को भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन की तैयारी और हमारा सुझाव
मौसम विभाग के इस बड़े बुलेटिन के बाद संबंधित राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों (SDMA) को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है। खासकर गुजरात और राजस्थान के निचले इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है।
पाठकों के लिए सुझाव: अगले 3-4 दिनों तक पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने से बचें। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के लोग घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी और वेदर अपडेट जरूर चेक कर लें, क्योंकि अचानक होने वाली तेज बारिश शहरी इलाकों को ठप कर सकती है।











