Advertisement
Jharkhand News

रांची में दिनदहाड़े दुस्साहस: ओटीसी मैदान के पास जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की हत्या, पैदल आए अपराधियों ने सीने में दागी गोली

Ranchi | झारखंड की राजधानी रांची एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी है। पंडरा ओपी क्षेत्र के ओटीसी मैदान के पास मंगलवार सुबह बेखौफ अपराधियों ने जमीन कारोबारी भार्गव सिंह को निशाना बनाया। गंभीर रूप से घायल भार्गव सिंह की इलाज के दौरान पारस अस्पताल में मौत हो गई है। इस वारदात ने न केवल शहर की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं, बल्कि 90 के दशक के ‘जंगलराज’ की यादें भी ताज़ा कर दी हैं।

राजधानी के पॉश इलाकों में शुमार पंडरा में जिस वक्त लोग अपने दैनिक कार्यों में जुटे थे, तभी पैदल आए अपराधियों ने भार्गव सिंह के पेट में गोली मार दी और आराम से चलते बने। पुलिस की शुरुआती जांच और चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस के सहयोग से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

Advertisement

सरेराह कत्ल से सनसनी: अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म?

रांची में जमीन कारोबार से जुड़े लोगों पर हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन जिस तरह से अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया, वह चौंकाने वाला है। चश्मदीदों का कहना है कि अपराधी पैदल ही आए और वारदात के बाद बिना किसी हड़बड़ाहट के निकल गए। यह दिखाता है कि रांची की सड़कों पर अब बदमाशों को न तो पुलिस की गश्त का डर है और न ही पकड़े जाने का भय।

सांसद संजय सेठ का तीखा प्रहार: “90 के दशक की याद आई”

घटना की जानकारी मिलते ही सांसद संजय सेठ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह घटना रांची की पुलिसिंग को आईना दिखाने वाली है।

“अपराधी पैदल आते हैं, गोली मारकर पैदल ही चले जाते हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और राजधानी की यह स्थिति हमें 90 के दशक के जंगलराज की याद दिला रही है। मैंने पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए।” – संजय सेठ, सांसद

क्या है हत्या के पीछे की वजह? (Analysis)

पुलिस फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। प्राथमिक तौर पर इसे जमीन विवाद (Land Dispute) से जोड़कर देखा जा रहा है। रांची में पिछले कुछ महीनों में जमीन के टुकड़ों के लिए रंजिशें बढ़ी हैं।

  • गैंगवार की आशंका: क्या इस हत्या के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है?
  • रेकी का शक: जिस तरह से भार्गव सिंह को टारगेट किया गया, उससे साफ है कि अपराधी उनकी मूवमेंट पर नजर रखे हुए थे।

आम आदमी में खौफ, अब आगे क्या?

इस हत्याकांड के बाद पंडरा और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि अगर राजधानी में सांसद के पहुंचने से पहले अपराधी इतनी आसानी से वारदात कर सकते हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या?

रांची पुलिस ने शहर के एग्जिट पॉइंट्स पर नाकेबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन मुख्य शूटर अब भी गिरफ्त से बाहर हैं।

इसे भी पढ़ें: रांची न्यूज़: चुटिया में अवैध गैस रिफिलिंग का भंडाफोड़, 265 सिलेंडर जब्त

Related Stories & Ads

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment