पटना में तबाही: 30 मिनट की आंधी ने उजाड़ दी राजधानी, 4 की मौत, तेजस्वी यादव बाल-बाल बचे

Subhash Shekhar
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पटना। बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार की दोपहर कुदरत का ऐसा कहर टूटा कि महज 30 मिनट के भीतर पूरी तस्वीर बदल गई। दोपहर 4 बजे के करीब आए भीषण अंधड़ और बारिश ने न केवल जनजीवन अस्त-व्यस्त किया, बल्कि राजधानी को ‘मलबे के ढेर’ में तब्दील कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें ऑटो में सवार तीन यात्री और एक नारियल विक्रेता शामिल है। आसमान में छाए घने काले बादलों ने दोपहर में ही रात जैसा मंजर पैदा कर दिया, जिससे सड़कों पर चीख-पुकार मच गई।

हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपनी नन्हीं बेटी कात्यायनी के साथ आरजेडी कार्यालय में मौजूद थे, तभी उनके पास ही एक विशाल पेड़ गिर गया। तेजस्वी तो सुरक्षित हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा में तैनात एस्कॉर्ट गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। फिलहाल पटना जू को शनिवार तक के लिए बंद कर दिया गया है और जिला प्रशासन ने पूरे शहर में रेड अलर्ट जैसी स्थिति घोषित कर दी है।

मौत का तांडव: राजवंशी नगर में ऑटो बना कब्रगाह

आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि राजधानी के वीवीआईपी इलाकों में लगे दशकों पुराने पेड़ तिनकों की तरह बिखर गए। सबसे दर्दनाक हादसा राजवंशी नगर के पास हुआ, जहां एक चलता हुआ ऑटो विशाल पेड़ की चपेट में आ गया। इस हादसे में ऑटो में सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गर्दनीबाग में एक शख्स के मलबे में दबे होने की खबर है, जिसे निकालने के लिए NDRF की टीम युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।

सत्ता के गलियारों में मचा हड़कंप

पटना का ‘पॉवर सेंटर’ कहे जाने वाले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं:

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  • राबड़ी आवास: 10 सर्कुलर रोड के बाहर पेड़ गिरने से रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया है।
  • मुख्यमंत्री आवास: अणे मार्ग के गेट पर पेड़ गिरने से आवाजाही ठप है।
  • पटना हाईकोर्ट व सचिवालय: यहां भी कई गाड़ियां पेड़ों के नीचे दबकर कबाड़ बन गई हैं।
मौत का तांडव: राजवंशी नगर में ऑटो बना कब्रगाह
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तेजस्वी यादव और बेटी कात्यायनी बाल-बाल बचे

आरजेडी कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद तेजस्वी यादव अपने कमरे में बैठे थे। अचानक एक विशाल आम का पेड़ उनकी सुरक्षा गाड़ियों पर जा गिरा। गनीमत रही कि तेजस्वी अपनी बेटी के साथ सुरक्षित स्थान पर थे। उन्हें फौरन बोर्ड रूम में शिफ्ट किया गया। घटना के बाद तेजस्वी ने प्रशासन से तुरंत राहत कार्य तेज करने की अपील की है।

तबाही का मंजर: मंदिर टूटा, दुकानें स्वाहा

सिर्फ सरकारी इमारतें ही नहीं, आस्था के केंद्र और गरीबों की रोजी-रोटी पर भी प्रहार हुआ है।

मौत का तांडव: राजवंशी नगर में ऑटो बना कब्रगाह
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  1. मंदिर ध्वस्त: खाजेकला थाना क्षेत्र के दीवान मोहल्ला में एक पुराना वट वृक्ष गिरने से प्राचीन शिव मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया।
  2. डिज्नीलैंड मेला: इस्कॉन मंदिर के सामने लगे मेले में सजी दुकानें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। लाखों का नुकसान झेल रहे दुकानदारों की आंखों में आंसू हैं।
  3. विमान सेवाएं प्रभावित: मौसम की मार आसमान में भी दिखी। कोलकाता से पटना आ रही फ्लाइट को खराब विजिबिलिटी के कारण लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा।

आखिर क्यों थमी पटना की रफ्तार?

शहर की लाइफलाइन माने जाने वाली सड़कें जैसे नेहरू पथ, जगदेव पथ और बेली रोड पर घंटों से भीषण जाम लगा है। फ्लाइओवर पर गाड़ियां रेंग रही हैं क्योंकि हर 500 मीटर पर कोई न कोई पेड़ या बिजली का खंभा गिरा हुआ है। पटना जू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक अंदर गिरे दर्जनों पेड़ों को हटाकर रास्ता साफ नहीं होता, पर्यटकों के लिए एंट्री बंद रहेगी।

प्रशासन का अगला कदम

पटना डीएम ने मोर्चा संभाल लिया है। वन विभाग, नगर निगम और बिजली विभाग की टीमों को सड़कों पर उतारा गया है। प्राथमिकता बिजली बहाल करने और गिरे हुए पेड़ों को काटकर रास्ता साफ करने की है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, वे घरों से बाहर न निकलें क्योंकि अभी भी कई जगह जर्जर पेड़ और बिजली के तार लटक रहे हैं।

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सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
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