सावधान! इंस्टाग्राम वाली ‘दोस्त’ निकली किडनैपर: नालंदा में युवक को मिलने बुलाया और फिर जो हुआ, सुनकर कांप जाएगी रूह

सावधान! इंस्टाग्राम वाली 'दोस्त' निकली किडनैपर: नालंदा में युवक को मिलने बुलाया और फिर जो हुआ, सुनकर कांप जाएगी रूह

नालंदा/बिहार: सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना अब जानलेवा साबित होने लगा है। बिहार के नालंदा और शेखपुरा के बीच हुई एक खौफनाक वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। एक युवती ने इंस्टाग्राम पर पहले युवक को प्यार के जाल में फंसाया, फिर मिलने के बहाने बुलाकर उसका अपहरण कर लिया और 6 लाख की फिरौती मांग ली। पुलिस की भारी दबिश के बाद युवक की जान तो बच गई, लेकिन इस ‘डिजिटल हनीट्रैप’ ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इश्क, इंस्टाग्राम और फिर अगवा: क्या है पूरी कहानी?

यह मामला शेखपुरा जिले के पांची गांव निवासी 22 वर्षीय विक्रम कुमार से जुड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, नालंदा की एक युवती ने इंस्टाग्राम के जरिए विक्रम से संपर्क साधा था। धीरे-धीरे बातों का सिलसिला बढ़ा और दोस्ती प्यार के वादों में बदल गई। जब युवती ने पूरी तरह युवक का भरोसा जीत लिया, तो उसने 28 अप्रैल की रात उसे मिलने के लिए नालंदा के चोरसुआ मोड़ पर बुलाया।

विक्रम अपने दिल में उम्मीदें लेकर पहुंचा था, लेकिन वहां उसका इंतजार युवती नहीं, बल्कि हथियारों से लैस बदमाश कर रहे थे। जैसे ही वह मौके पर पहुंचा, बदमाशों ने उसे घेर लिया और जबरन उठाकर अज्ञात स्थान पर ले गए।

पिता के पास आया फोन: “6 लाख दो, वरना बेटा नहीं बचेगा”

अपहरण के कुछ ही देर बाद विक्रम के पिता, सागर रविदास का फोन बजा। दूसरी तरफ से बदमाशों ने सीधे 6 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। फिरौती की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घर वालों ने बिना देरी किए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद बिहार पुलिस के महकमे में हड़कंप मच गया।

राजगीर DSP की स्पेशल टीम और पंचाने नदी का ‘सर्च ऑपरेशन’

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तुरंत तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) का सहारा लिया।

  • लोकेशन ट्रैकिंग: पुलिस ने जब किडनैपर्स का मोबाइल ट्रैक किया, तो लोकेशन पंचाने नदी के आसपास मिली।
  • पुलिस की छापेमारी: भारी पुलिस बल ने जब नदी के आसपास घेराबंदी शुरू की, तो अपराधी घबरा गए। हालांकि, पहली छापेमारी के वक्त बदमाश युवक को लेकर भागने में सफल रहे।
  • सरेंडर जैसा दबाव: पुलिस ने हार नहीं मानी और अपराधियों के हर संभावित ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस की बढ़ती सख्ती और एनकाउंटर के डर से बदमाशों के हौसले पस्त हो गए।

पावापुरी फ्लाईओवर के पास मिली आज़ादी

पुलिस का शिकंजा इस कदर कस गया कि अपराधियों के पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा। पकड़े जाने के डर से बदमाशों ने युवक विक्रम कुमार को पावापुरी फ्लाईओवर के पास छोड़ दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को सुरक्षित बरामद किया।

हैरान करने वाला खुलासा: युवती का ‘बॉयफ्रेंड’ निकला मास्टरमाइंड

पुलिस ने जब साजिश की परतें खोलीं, तो सच्चाई चौंकाने वाली थी। हिरासत में ली गई युवती ने कबूल किया कि इस पूरी साजिश में उसका बॉयफ्रेंड और उसके दोस्त शामिल थे। युवती का काम केवल युवक को जाल में फंसाकर बुलाना था, जबकि अपहरण की पूरी प्लानिंग उसके प्रेमी ने की थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया अब अपराध का नया अड्डा बन गया है। नालंदा और आसपास के इलाकों में यह पहली बार नहीं है जब किसी को ऑनलाइन दोस्ती के जाल में फंसाकर लूटा या अगवा किया गया हो।

डिजिटल दुनिया में ‘सावधानी’ ही बचाव है

पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। लेकिन यह घटना एक बड़ा सबक है। क्या हम एक ‘लाइक’ और ‘फॉलो’ के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं? प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और सुनसान जगहों पर मिलने से बचें।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment