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Jharkhand News

रांची की सड़कों पर ‘कैप्टन कूल’ की रफ्तार पड़ी भारी: धोनी की लग्जरी कार का कटा चालान, क्या नियम सबके लिए बराबर?

RANCHI | झारखंड के ‘राजकुमार’ और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपनी सादगी और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उनकी रफ्तार ने ही उन्हें कानूनी पचड़े में डाल दिया है। रांची की सड़कों पर अपनी पसंदीदा लग्जरी कार में सवार धोनी को उस वक्त झटका लगा, जब ट्रैफिक पुलिस के ऑटोमैटिक सिस्टम ने नियमों के उल्लंघन पर उनका चालान काट दिया। यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे लोग पूछ रहे हैं—क्या अब रांची में वीआईपी कल्चर पूरी तरह खत्म हो गया है?

बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के पास हुआ ‘एक्शन’

पूरा मामला 1 मार्च का है। महेंद्र सिंह धोनी अपनी लग्जरी कार से कांके रिंग रोड की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (BAU) के पास पहुंची, वहां लगे ऑटोमैटिक ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम (ATMS) के कैमरों ने उनकी कार की रफ्तार को कैद कर लिया।

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जानकारी के मुताबिक, उस क्षेत्र में अधिकतम गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है, लेकिन धोनी की कार इस सीमा को पार कर चुकी थी। सिस्टम ने रियल-टाइम में डेटा प्रोसेस किया और तुरंत 1000 रुपये का ई-चालान जेनरेट कर दिया।

हाई-टेक सिस्टम की पैनी नजर: न सिफारिश, न पैरवी

रांची ट्रैफिक पुलिस ने साफ कर दिया है कि शहर के प्रमुख चौराहों और रिंग रोड पर लगे ये हाई-टेक कैमरे 24×7 सक्रिय हैं। इस घटना ने यह संदेश दिया है कि कानून की नजर में कोई ‘कैप्टन कूल’ नहीं बल्कि सिर्फ एक नागरिक है।

ट्रैफिक अधिकारी का बयान: “हमारा सिस्टम पूरी तरह ऑटोमैटिक है। ओवर-स्पीडिंग, सिग्नल जंपिंग या बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर सॉफ्टवेयर खुद ही नंबर प्लेट रीड कर चालान भेज देता है। नियम सबके लिए एक समान हैं।”

धोनी के गैराज की रफ़्तार और रांची की सड़कें

धोनी को कारों और बाइक्स का जबरदस्त शौक है। उनके पास विंटेज से लेकर लेटेस्ट सुपरकार्स तक का कलेक्शन है। अक्सर वे रांची की सड़कों पर अकेले ड्राइविंग करते हुए दिख जाते हैं। हालांकि, इस बार ‘ओवर-स्पीडिंग’ ने उनके इस शौक पर जुर्माने की मुहर लगा दी है। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय है कि जब धोनी जैसे बड़े व्यक्तित्व का चालान कट सकता है, तो आम आदमी को भी ट्रैफिक नियमों को लेकर अब और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

झारखंड सरकार और रांची पुलिस जिस तरह से ATMS तकनीक को बढ़ावा दे रही है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती और बढ़ेगी। धोनी की टीम या उनकी ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उम्मीद है कि वे जुर्माने की राशि भरकर एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय देंगे।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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