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15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट: स्कूल बंद, आफत?

Ranchi | देश के 15 राज्यों में अगले 48 घंटे बेहद भारी गुजरने वाले हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत देश के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है।

आसमान से बरसने वाली इस संभावित आफत को देखते हुए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज (26 सितंबर) स्कूलों को बंद रखने का सख्त आदेश जारी कर दिया गया है।

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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मजबूत ‘लो-प्रेशर सिस्टम’ के तेजी से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के कारण मानसूनी बादल बेहद आक्रामक हो चुके हैं।

उत्तर प्रदेश: रेड अलर्ट के बीच स्कूल बंद, बाढ़ का सायरन बजा

उत्तर प्रदेश में हालात सबसे ज्यादा संवेदनशील नजर आ रहे हैं। राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और भारी बारिश की आशंका के चलते प्रशासन पूरी तरह हाई-अलर्ट मोड पर है।

  • स्कूलों में ताले: छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेड अलर्ट वाले जिलों में जिला प्रशासन ने 26 सितंबर को सभी सरकारी और निजी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है।
  • बाढ़ और जलभराव का खतरा: तराई और मैदानी इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
  • कंट्रोल रूम सक्रिय: जिलाधिकारियों ने आपदा प्रबंधन टीमों (SDRF) को स्टैंडबाय पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि लोग उफनते नदी-नालों के पास जाने का जोखिम न उठाएं और बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें।

उत्तराखंड में 48 घंटे भारी: लैंडस्लाइड का खौफ, चार जिलों में ‘रेड’ सिग्नल

मैदानों के साथ-साथ पहाड़ भी बादलों के घेरे में हैं। उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी दोनों ही क्षेत्रों के लिए अगले दो दिन बेहद डरावने साबित हो सकते हैं।

  • रेड अलर्ट वाले जिले: देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल।
  • ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग।

भूस्खलन (Landslide) और फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए चारधाम रूट और पहाड़ी हाईवे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे लैंडस्लाइड प्रोन जोन्स (संवेदनशील ढलानों) के आसपास रुकने से बचें।

दिल्ली-NCR से बिहार तक: 15 राज्यों में क्यों बिगड़ा सिस्टम?

मौसम विभाग के अनुसार, इस अप्रत्याशित मौसमी उठापटक की मुख्य वजह एक बेहद सक्रिय निम्न दबाव वाला क्षेत्र (Low-Pressure Area) है। यह सिस्टम समुद्र से भारी नमी लेकर उत्तर-पश्चिम भारत की तरफ बढ़ रहा है।

राज्य / क्षेत्रअलर्ट स्तरसंभावित प्रभाव
दिल्ली-NCR, हरियाणामूसलाधार बारिश का अलर्टनिचले इलाकों में भारी जलभराव, ट्रैफिक जाम
बिहार, मध्य प्रदेशरेड / ऑरेंज अलर्टनिचले इलाकों में जलभराव, आकाशीय बिजली की आशंका
राजस्थान, छत्तीसगढ़, ओडिशायेलो / ऑरेंज अलर्टतेज हवाओं के साथ लगातार वर्षा
पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंडभारी बारिश की चेतावनीनदियों का उफान, फिसलन भरी सड़कें

अब क्या होगा: प्रशासन की तैयारी और आम जनता के लिए गाइडलाइंस

आने वाले 24 से 48 घंटे राहत एवं बचाव दलों की परीक्षा लेने वाले हैं। नगर निगमों को पंप सेट तैयार रखने और ड्रेनेज सिस्टम क्लियर करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शहरों में ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या न बने।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक यह वेदर सिस्टम मध्य भारत और पहाड़ों को पार नहीं कर लेता, तब तक मौसम का मिजाज ऐसा ही आक्रामक बना रहेगा। ऐसे में किसी भी गैर-जरूरी यात्रा को टालना और आधिकारिक एडवाइजरी पर नजर रखना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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