Ranchi | झारखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने जा रहा है, जिससे अगले 48 घंटों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। रांची मौसम केंद्र ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और तेज हवाएं चलेंगी। लगातार हो रही इस मानसूनी हलचल के कारण अगले तीन दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
अगर आप भी अगले कुछ दिनों में सफर करने या खेती-किसानी से जुड़े काम की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। 29 जून से पूरे राज्य में वर्षा गतिविधियों में भारी तेजी आने की संभावना है, जिसे लेकर प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है।
29 जून से पकड़ेगी रफ्तार, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
रांची मौसम केंद्र से मिली ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, Jharkhand Weather Forecast में 28 जून से 3 जुलाई तक के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण राज्य में एक मजबूत सिस्टम बन रहा है।
मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी: “29 जून से झारखंड में बारिश की रफ्तार काफी तेज होगी। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोग खराब मौसम में खुले स्थानों, खेतों या पेड़ों के नीचे बिल्कुल शरण न लें।”
इन जिलों में मंडरा रहा है खतरा, रहें बेहद सावधान
मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया है, वहां की सूची दो चरणों में सामने आई है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
30 जून को इन जिलों में होगी भारी बारिश:
- देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा
- जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज
- बोकारो और धनबाद
1 जुलाई को इन जिलों में बढ़ेगा खतरा:
- संथाल और कोयलांचल: देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो, धनबाद।
- कोल्हान और राजधानी क्षेत्र: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, खूंटी और रामगढ़।
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ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों और वाहन चालकों के लिए एडवाइजरी
खेतों से लेकर शहर की सड़कों तक इस अलर्ट का सीधा असर दिखने लगा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश धान की रोपनी के लिए फायदेमंद तो है, लेकिन वज्रपात किसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। दोपहर के समय जब आसमान में गर्जन शुरू हो, तो किसानों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाना चाहिए।
सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों के लिए भी विजिबिलिटी कम होने और जलजमाव की समस्या खड़ी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखें।
मौसम विभाग के इस बड़े अलर्ट के बाद आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय जिला प्रशासन सतर्क मोड पर हैं। बिजली विभाग को जर्जर तारों और पेड़ों की छंटाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि तेज हवाओं के दौरान ब्लैकआउट की स्थिति न बने। पाठकों और आम जनता के लिए यही सलाह है कि वे अगले 5 दिनों तक बेवजह की यात्राओं से बचें और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पक्के मकानों के अंदर ही रहें। सिस्टम अपनी तैयारी कर चुका है, अब बारी आपकी सावधानी की है।











