Ranchi | राजधानी रांची की सड़कें गुरुवार सुबह से ही जंग का मैदान जैसी नजर आ रही हैं। छात्रों के विशाल आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास और उसके आसपास के पूरे इलाके को किलेबंदी में तब्दील कर दिया गया है।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों की संख्या में छात्रों के जुटने से पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। एहतियात के तौर पर CM आवास की ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया है और 100 से ज्यादा अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है।
शहर का दिल कहे जाने वाले कचहरी चौक और मोरहाबादी इलाके में भारी जाम लग चुका है। अगर आप आज रांची की सड़कों पर निकल रहे हैं, तो स्थिति का जायजा लेकर ही निकलें।
स्टेडियम से CM आवास तक हलचल, ग्राउंड जीरो से सीधी रिपोर्ट
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हुए साफ दिख रहा है कि छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। सुबह से ही राज्य के कोने-कोने से छात्र यहाँ जुटना शुरू हो गए थे। जैसे ही यह खबर पुलिस मुख्यालय पहुंची, आला अधिकारियों की आपात बैठक हुई और तत्काल पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने रांची में सुरक्षा का ऐसा घेरा लंबे समय बाद देखा है। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ सादे लिबास में खुफिया विभाग के जवान हर एक गतिविधि पर बारीक नजर रख रहे हैं।
ट्रैफिक डायवर्ट: कचहरी चौक पर रेंगती गाड़ियाँ, दफ्तर और स्कूल जाने वाले परेशान
सुरक्षा कारणों से मोरहाबादी से सूचना भवन और CM आवास की ओर आने-जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया है। अचानक हुए इस रूट डायवर्जन ने आम जनता की मुसीबतें बढ़ा दी हैं।
- कचहरी चौक पर भारी जाम: सुबह के वक्त दफ्तर, कॉलेज और स्कूल जाने वाले लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
- अचानक बदला रूट: चालकों को वैकल्पिक रास्तों की जानकारी न होने के कारण भटकम में देखा गया।
- एंबुलेंस और आपातकालीन वाहन: पुलिस डायवर्जन के बीच एंबुलेंस को रास्ता निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
एक स्थानीय राहगीर ने बताया, “हमें पता ही नहीं था कि रास्ता बंद है। दफ्तर पहुंचने में एक घंटे की देरी हो चुकी है और पूरी सड़क पर सिर्फ गाड़ियां ही गाड़ियां दिख रही हैं।”
[इस घटना से जुड़ी तस्वीर/वीडियो यहाँ देखें: कचहरी चौक पर लगे लंबे ट्रैफिक जाम की विजुअल्स]
आसमान से निगरानी: ड्रोन कैमरे एक्टिव, पुलिस मुख्यालय अलर्ट मोड पर
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सिर्फ जमीन ही नहीं, बल्कि आसमान से भी पैनी नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने पूरे इलाके में ड्रोन कैमरों को तैनात कर दिया है, जो भीड़ की आवाजाही की लाइव स्ट्रीमिंग पुलिस कंट्रोल रूम को भेज रहे हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ग्राउंड पर मीडिया से बात करते हुए कहा:
“कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी पहली प्राथमिकता है। किसी को भी शांति भंग करने या कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हम छात्रों से अपील करते हैं कि वे अपनी मांगें लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से रखें।”
फिलहाल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों की नारेबाजी जारी है और पुलिस का सुरक्षा घेरा CM आवास से 500 मीटर की दूरी पर पूरी तरह मुस्तैद है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या छात्र प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधियों से वार्ता होगी, या फिर यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा? प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए रास्ता निकाला जाए ताकि आम जनता को ट्रैफिक की समस्या से जल्द राहत मिल सके।











