Ranchi | झारखंड की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर राजधानी रांची से आ रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने सौजन्य मुलाकात की। यह मुलाकात रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई, जिसके बाद राज्य के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैद्यनाथ राम को संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के लिए चुने जाने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि बैद्यनाथ राम दिल्ली के मंच पर झारखंड की आवाज को और बुलंद करेंगे।

[मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सांसद बैद्यनाथ राम की मुलाकात की तस्वीर यहाँ लगाएं]
जनभावनाओं को संसद में उठाने का भरोसा
मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नव निर्वाचित सांसद पर पूरा भरोसा जताया है। सीएम ने कहा:
“मुझे पूर्ण विश्वास है कि संसद के उच्च सदन राज्यसभा में झारखंड की जन भावनाओं, जन अपेक्षाओं तथा जनहित एवं विकास से जुड़े मुद्दों को सशक्त रूप से रखने में श्री बैद्यनाथ राम अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
इस मौके पर बैद्यनाथ राम ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे राज्य के हक और आदिवासियों-मूलवासियों के मुद्दों को केंद्र के सामने मजबूती से रखेंगे।
मुलाकात के दौरान जुटे सत्ता पक्ष के दिग्गज
इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के दौरान केवल मुख्यमंत्री और नए सांसद ही मौजूद नहीं थे, बल्कि झामुमो और गठबंधन सरकार के कई बड़े चेहरे भी वहां उपस्थित रहे।
बैठक में मौजूद प्रमुख नेता:
- मंत्री श्री हफीजुल हसन
- मंत्री श्री सुदिव्य कुमार
- विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन
- विधायक श्री मथुरा प्रसाद महतो
- विधायक श्री उमाकांत रजक
राजनीतिक गलियारों में इस उपस्थिति को सत्ता पक्ष की एकजुटता और आगामी रणनीतियों से जोड़कर देखा जा रहा है। कल्पना सोरेन की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि पार्टी हर मोर्चे पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है।
इस मुलाकात के मायने और जनता की उम्मीदें
रांची के राजनीतिक पंडितों की मानें तो बैद्यनाथ राम का राज्यसभा जाना झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और गठबंधन के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत है। मैदान पर आम जनता और कार्यकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर काफी उत्साह है। स्थानीय लोगों का मानना है कि राज्य के खनिज संसाधनों, विस्थापन के मुद्दों और स्थानीय नीति जैसे गंभीर विषयों पर अब दिल्ली में ज्यादा धारदार तरीके से बात रखी जा सकेगी।
राज्यसभा सांसद के रूप में बैद्यनाथ राम के चयन के बाद अब सबकी नजरें संसद के आगामी सत्र पर टिकी हैं। झारखंड की जेएमएम नीत सरकार लगातार केंद्र पर राज्य के बकाए और हकों को लेकर हमलावर रही है। ऐसे में बैद्यनाथ राम की यह नई पारी दिल्ली और रांची के बीच सियासी समीकरणों को साधने में कितनी मददगार साबित होती है, यह देखना दिलचस्प होगा।
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