रांची में मुफ्त सर्जरी: आधुनिक तकनीक से हर्निया का निःशुल्क इलाज

Subhash Shekhar
4 Min Read

रांची में चिकित्सा क्षेत्र की नई क्रांति

रांची में इंडियन हर्निया सोसाइटी (IHS) के 16वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के तहत एक बड़ी पहल की जा रही है, जिसमें 25 हर्निया मरीजों का मुफ्त में इलाज किया जाएगा। यह कार्यक्रम एम्स, नई दिल्ली के वरिष्ठ डॉक्टरों की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य झारखंड के जरूरतमंद मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बोझ के उच्च स्तरीय उपचार प्राप्त कर सकें।

आधुनिक तकनीक से होगा हर्निया का इलाज

इस कार्यक्रम के तहत हर्निया का उपचार लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से किया जाएगा। यह तकनीक पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में अधिक सुरक्षित और कम दर्दनाक होती है।

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लाभ:

  • छोटे-छोटे छेद के माध्यम से ऑपरेशन किया जाता है, जिससे कम दर्द होता है।
  • तेजी से रिकवरी होती है, जिससे मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में नहीं रहना पड़ता।
  • कम जटिलताएं और संक्रमण का कम खतरा रहता है।
  • मरीज कुछ ही दिनों में सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है।

मुफ्त सुविधाओं का लाभ

इस कार्यक्रम के तहत मरीजों को पूरी तरह से मुफ्त इलाज मिलेगा। इसमें शामिल हैं:

  • निःशुल्क जांच और ऑपरेशन।
  • अस्पताल में रहने, भोजन और दवाओं की पूरी व्यवस्था।
  • विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श और देखभाल।

यह योजना उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते।

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कैसे लें भाग?

अगर आप या आपके किसी परिचित को हर्निया की समस्या है और वे इस मुफ्त सर्जरी का लाभ उठाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए विवरण को ध्यान दें:

  • रजिस्ट्रेशन स्थान: ऑर्किड मेडिकल सेंटर, रांची।
  • अंतिम तिथि: 10 तारीख तक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य।
  • सर्जरी के लिए चयन: केवल 30 मरीजों का ही इलाज किया जाएगा।

हर्निया का इलाज क्यों जरूरी है?

हर्निया एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या है। यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह गंभीर जटिलताओं को जन्म दे सकता है। हर्निया के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:

  • लगातार खांसी या कब्ज।
  • भारी वजन उठाना।
  • प्रोस्टेट की समस्या।
  • गर्भावस्था के बाद मांसपेशियों में कमजोरी।

क्या होता है अगर हर्निया का इलाज न किया जाए?

यदि हर्निया को नजरअंदाज किया जाए तो यह आंतों के फंसने (Strangulation) का कारण बन सकता है, जिससे मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए, समय पर सर्जरी कराना आवश्यक है।

एम्स के डॉक्टरों की पहल

इस कार्यक्रम का नेतृत्व एम्स, नई दिल्ली के वरिष्ठ डॉक्टर कर रहे हैं, जिनमें प्रोफेसर एम.सी. मिश्रा जैसे अनुभवी सर्जन भी शामिल हैं। उनका उद्देश्य है नई तकनीकों को ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचाना, ताकि हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

एम्स डॉक्टरों द्वारा दी गई सुविधाएं:

  • उच्च स्तरीय चिकित्सा परामर्श।
  • अत्याधुनिक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी तकनीक।
  • रिकवरी और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर।

रांची में मुफ्त हर्निया सर्जरी की यह पहल स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि झारखंड में चिकित्सा सुविधाओं को नई दिशा भी मिलेगी। जिन लोगों को हर्निया की समस्या है और वे महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते, उनके लिए यह एक बेहतरीन अवसर है।

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जल्दी करें! सीमित समय के लिए उपलब्ध

इच्छुक मरीज शीघ्र रजिस्ट्रेशन करवाएं और इस अद्भुत मुफ्त चिकित्सा सेवा का लाभ उठाएं।

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सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
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