शिक्षक नियुक्ति में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, जेएसएससी से मांगा जवाब

शिक्षक नियुक्ति में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, जेएसएससी से मांगा जवाब

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने एक बार फिर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की है। हाईकोर्ट की खंडपीठ में सोमवार को प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया की प्रगति रिपोर्ट पर असंतोष व्यक्त किया गया।

खंडपीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायमूर्ति राजेश शंकर शामिल थे, ने कहा कि जेएसएससी तय शेड्यूल के मुताबिक काम नहीं कर रहा है। कोर्ट ने आयोग को स्पष्ट निर्देश दिया कि एक निश्चित समयसीमा के अंदर शपथ पत्र (एफिडेविट) दायर कर प्रगति की जानकारी दें।

शिक्षक बहाली में धीमी गति पर अदालत गंभीर

अदालत ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर चिंता जताई। प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रगति को लेकर दाखिल रिपोर्ट से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ। अदालत ने कहा कि आयोग की ओर से पहले 26,000 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा मांगी गई थी, लेकिन अब तक उस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

इस मामले में अगली सुनवाई अब 2 जुलाई, बुधवार को होगी। कोर्ट ने साफ शब्दों में आयोग को चेताया कि नियुक्ति प्रक्रिया में और देर अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनहित में दाखिल याचिका ने खोली आयोग की पोल

यह याचिका प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और सामाजिक कार्यकर्ता ज्यां द्रेज की ओर से दाखिल की गई थी। उन्होंने झारखंड में शिक्षक बहाली प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं और देरी को मुद्दा बनाते हुए हाईकोर्ट का ध्यान आकर्षित किया। याचिका में यह भी कहा गया कि योग्य उम्मीदवार वर्षों से परीक्षा और नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे राज्य में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

खंडपीठ ने आयोग से यह भी पूछा कि अब तक की देरी का असली कारण क्या है, और क्यों हर बार नई समयसीमा देने के बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।

आयोग की चुप्पी पर उठे सवाल

जेएसएससी की ओर से अब तक कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में यदि संतोषजनक शपथ पत्र नहीं दिया गया, तो आयोग के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इस स्थिति ने राज्य के हजारों बेरोजगार युवाओं को एक नई उम्मीद दी है कि शायद अब न्यायपालिका की सख्ती से बहाली प्रक्रिया में तेजी आए।

Subhash Shekhar

एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार, कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट और SEO-फोकस्ड न्यूज़ राइटर हैं। वे झारखंड और बिहार से जुड़े राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और करंट अफेयर्स पर तथ्यपरक और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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