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Health Care

झारखंड कैंसर संवाद: ऑन्कोलॉजी में आत्मनिर्भरता की ओर एक ठोस कदम

रांची: झारखंड राज्य में कैंसर देखभाल और उपचार व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सामने आई है। झारखंड कैंसर संवाद सम्मेलन के रूप में यह प्रयास ना सिर्फ राज्य के प्रमुख डॉक्टरों और विशेषज्ञों को एक मंच पर ला रहा है, बल्कि आम जनता में जागरूकता भी बढ़ा रहा है।

रांची प्रेस क्लब में आयोजित पूर्व-कार्यक्रम बैठक में आयोजन समिति और वैज्ञानिक समिति के प्रमुख सदस्यों ने इस बहुप्रतीक्षित सम्मेलन की रूपरेखा साझा की। आयोजन सचिव डॉ. कुमार सौरभ, डॉ. श्वेता नारायण, डॉ. आफ़ताब आलम अंसारी, डॉ. अमितेश आनंद, डॉ. अमर प्रेम, डॉ. मनमोहन अखौरी, समन्वयक कृष्ण यादव और कैंसर केंद्र प्रमुख श्री अनिल गुप्ता ने एक साझा उद्देश्य के लिए अपनी भूमिका स्पष्ट की।

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राज्यव्यापी सहयोग से होगा सफल

इस सम्मेलन में झारखंड के सभी प्रमुख जिलों के चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल होंगे, जैसे कि रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, बोकारो, गिरिडीह और गुमला। इन जिलों से सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, पल्मोनोलॉजिस्ट, मूत्र रोग विशेषज्ञ और ऑन्कोलॉजिस्ट भाग लेंगे।

सिर्फ राज्य ही नहीं, बल्कि हैदराबाद, कोलकाता और बनारस जैसे शहरों से भी प्रतिष्ठित ऑन्कोलॉजिस्ट भाग लेंगे। यह झारखंड को देश के कैंसर उपचार मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में निर्णायक पहल है।

सम्मेलन की प्रमुख झलकियाँ और लक्ष्य

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा समुदाय और आम लोगों को आधुनिक कैंसर उपचार की दिशा में हो रहे प्रगति से परिचित कराना है। इसमें विशेषज्ञ पैनल चर्चाएँ, कैंसर से बचे लोगों का सम्मान, और प्राथमिक चिकित्सा पेशेवरों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र शामिल हैं।

विशेषज्ञ चर्चाओं में हालिया अनुसंधान, निदान तकनीक और नवाचारों की जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही, आम डॉक्टरों के लिए विशेष सत्र होंगे, जिसमें कैंसर की शीघ्र पहचान पर ज़ोर दिया जाएगा।

झारखंड में ही बेहतर इलाज की संभावना

यह सम्मेलन झारखंड को ऑन्कोलॉजी की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयासरत है। उद्देश्य है कि राज्य का कोई भी कैंसर रोगी अब इलाज के लिए बाहर न जाए। उच्च गुणवत्ता वाली, सुलभ और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अब यहीं उपलब्ध होंगी।

डॉ. कुमार सौरभ ने कहा, “यह सम्मेलन केवल एक अकादमिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड के लिए एक परिवर्तनकारी आंदोलन है। हम चाहते हैं कि हर नागरिक को यह विश्वास हो कि यहां कैंसर का बेहतर इलाज संभव है।”

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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