रांची। लालपुर थाना क्षेत्र के काली मंदिर रोड पर गुरुवार रात दो गुटों के बीच हुए विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी से शुरू हुई बात कुछ ही मिनटों में हाथापाई और मारपीट में बदल गई। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देर रात तक तनाव बना रहा।
करम पूजा समिति अध्यक्ष पर हमला
जानकारी के अनुसार, वर्दमान कम्पाउंड में रहने वाले कुछ युवक इलाके में सामान लेने आए थे। गाड़ी खड़ी करने को लेकर उनकी बहस वहां मौजूद कुछ लोगों से हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर ही मारपीट शुरू हो गई।
इसी बीच खबर मिलते ही करम पूजा समिति के अध्यक्ष प्रवीण वहां पहुंचे। प्रवीण के आने के बाद स्थिति और भी बिगड़ गई। आरोप है कि कुछ युवकों ने उन्हें घेरकर बुरी तरह पीटा। घायल प्रवीण ने तुरंत अपने मोहल्ले और समिति के लोगों को मौके पर बुलाया। थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
विजय अग्रवाल के घर के बाहर प्रदर्शन
झड़प के बाद प्रवीण समर्थकों ने आरोप लगाया कि हमला करने वाले युवक विजय अग्रवाल से जुड़े हुए हैं। इसके बाद गुस्साए लोग सीधे विजय अग्रवाल के घर के बाहर जा पहुंचे। भीड़ ने उन्हें बाहर बुलाने की मांग की।
जब घर से कोई बाहर नहीं आया तो लोगों ने सड़क पर ही धरना दे दिया। इस दौरान विजय अग्रवाल के घर के पास तोड़फोड़ भी की गई। स्थिति तेजी से तनावपूर्ण होती चली गई।
पुलिस की मौजूदगी पर उठे सवाल
घटनास्थल पर पुलिस मौजूद थी, लेकिन भीड़ के सामने वह लाचार नजर आई। गुस्साए लोगों का आक्रोश इतना बढ़ गया कि पुलिसकर्मियों से तीखी बहस तक हो गई।
स्थिति बिगड़ती देख लालपुर थाना प्रभारी ने आसपास के थानों से अतिरिक्त बल बुलाया। कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। देर रात तक प्रशासन ने हालात को काबू में किया।
इलाके में सन्नाटा, जांच जारी
घटना के बाद काली मंदिर रोड और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने अब तक किसी भी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस झगड़े से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि समय पर सख्ती दिखाई जाती तो मामला इतना नहीं बिगड़ता। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने में कोई कोताही नहीं बरती गई।
माहौल सामान्य करने की कोशिश
फिलहाल इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील कर रहा है।
लालपुर की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर में छोटे-से विवाद किस तरह बड़े तनाव में बदल सकते हैं। पुलिस और प्रशासन के लिए यह बड़ी चुनौती है कि वह ऐसे हालात को समय रहते नियंत्रित करे।









