Ranchi: चडरी सरना समिति के तत्वावधान में इस वर्ष का करम पूजा महोत्सव भव्य तरीके से मनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। राजधानी रांची स्थित चडरी अखरा को करमाइत बहनों के स्वागत के लिए विशेष रूप से सजाया गया है। समिति की ओर से साफ-सफाई से लेकर विद्युत सज्जा तक हर पहलू पर ध्यान दिया गया है।
करम पूजा का आयोजन कार्यक्रम तय
समिति ने बताया कि 2 सितंबर 2025, मंगलवार को करमाइत बहनें उपवास में रहीं। इसके बाद 3 सितंबर, बुधवार को भादो एकादशी की संध्या पर करम राजा का आगमन शाम 7 बजे होगा। रात 9:30 बजे करम राजा की पूजा संपन्न की जाएगी। आयोजन स्थल पर पूरे विधि-विधान से परंपरागत पूजा की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम का तीसरा दिन 4 सितंबर, गुरुवार को करम नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए निर्धारित किया गया है। दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक करम नृत्य का आयोजन होगा, जहां स्थानीय कलाकार अपनी परंपरागत झलक पेश करेंगे। इसके बाद शाम 6 से 7 बजे के बीच करम राजा का विसर्जन किया जाएगा।
अखरा सजा रंग-बिरंगी सजावट से
चडरी अखरा इस समय एक अलग ही आभा बिखेर रहा है। समिति की ओर से जगह-जगह फूल-पत्तियों की सजावट की गई है। दीवारों पर रंग-रोगन कर वातावरण को उत्सवमय बनाया गया है। विद्युत लाइटिंग से अखरा की सुंदरता और भी निखर गई है। समिति का कहना है कि इस बार की पूजा पूरी तरह से पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखकर की जाएगी।
सरना समाज में उमंग और आस्था
करम पूजा आदिवासी समाज का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे खासकर बहनें भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए मनाती हैं। इस पर्व के माध्यम से प्रकृति और पेड़-पौधों के प्रति सम्मान और आभार भी व्यक्त किया जाता है। चडरी क्षेत्र के लोग इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए उत्सुक हैं।
केंद्रीय अध्यक्ष बबलू मुंडा ने बताया कि समिति का प्रयास है कि इस बार का आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाए। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर करम महोत्सव को सफल बनाएं।
पारंपरिक नृत्य में दिखेगी संस्कृति की झलक
करम नृत्य कार्यक्रम में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से रहेगी। ढोल-मांदर की थाप और पारंपरिक गीतों के बीच नृत्य करने वाले कलाकार इस त्योहार को और भी जीवंत बना देंगे। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था की पूरी तैयारी की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
करम पूजा महोत्सव न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार चडरी अखरा में होने वाला आयोजन पूरे इलाके के लिए आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।









