राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी का नामांकन क्यों अटका?

Subhash Shekhar
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रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव की सरगर्मी अचानक चरम पर पहुंच गई है। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला। कांग्रेस की तीखी आपत्ति के बाद एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन पत्र फिलहाल ‘होल्ड’ कर दिया गया है। इस औचक फैसले ने राज्य के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।

स्क्रूटनी में बढ़ा सस्पेंस, बुधवार सुबह 11 बजे होगा फैसला

विधानसभा परिसर में मंगलवार को स्क्रूटनी की प्रक्रिया चल रही थी, तभी कांग्रेस ने नाथवानी के पर्चे में कुछ तकनीकी कमियों को लेकर बिंदुवार लिखित शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद चुनाव अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) ने उनके नामांकन को अंतिम मंजूरी न देकर होल्ड पर डाल दिया। अब इस पूरे विवाद का पटाक्षेप बुधवार सुबह 11:00 बजे होगा, जब नाथवानी या उनके अधिकृत एजेंट को इन आपत्तियों पर अपना अंतिम पक्ष रखना होगा।

दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन के खेमे में राहत की सांस ली गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रत्याशी बैजनाथ राम और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के नामांकन पत्र जांच में पूरी तरह वैध पाए गए हैं। गठबंधन के दोनों दिग्गजों का रास्ता साफ होने के बाद अब पूरा फोकस निर्दलीय प्रत्याशी के भाग्य पर टिक गया है।

‘हार के डर से छटपटाहट’ बनाम ‘तकनीकी खामी’

इस पूरे घटनाक्रम के बाद विधानसभा के गलियारों में बयानों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। आपत्ति की खबर मिलते ही दोपहर करीब 3:30 बजे खुद परिमल नाथवानी विधानसभा पहुंचे। उनके साथ मौजूद भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

नवीन जायसवाल ने ग्राउंड पर मीडिया से बात करते हुए कहा:

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“कांग्रेस पार्टी जानबूझकर छोटी-छोटी और बेबुनियाद बातों को लेकर लिखित शिकायतें कर रही है, जिनका कोई कानूनी औचित्य नहीं है। मैं खुद चार बार का विधायक हूं और कई चुनाव देख चुका हूं, ऐसी बातें कभी सुनने में भी नहीं आतीं। यह सिर्फ और सिर्फ हार के डर से पैदा हुई छटपटाहट और घबराहट है। रिटर्निंग ऑफिसर ने जो भी सवाल पूछे थे, हमने ऑन-राइटिंग (लिखित में) उनका बिंदुवार जवाब सौंप दिया है। बुधवार सुबह 11 बजे सब कुछ पूरी तरह साफ हो जाएगा।”

क्या है पूरा विवाद?

भले ही एनडीए खेमा इसे कांग्रेस की राजनीतिक चाल बता रहा हो, लेकिन सूत्रों की मानें तो नामांकन पत्र में कुछ गंभीर तकनीकी त्रुटियां (Technical Errors) पाई गई हैं। जब तक रिटर्निंग ऑफिसर इन जवाबों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाते, तब तक सस्पेंस बरकरार रहेगा।

  • झामुमो और कांग्रेस की रणनीति: विपक्ष इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहता। कांग्रेस की लीगल टीम ने नाथवानी के प्रस्तावक और हलफनामे से जुड़े तकनीकी पहलुओं को गहराई से घेरा है।
  • प्रशासन का रुख: चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, यदि प्रस्तावक या अनिवार्य विवरणों में कोई मिसमैच होता है, तो उम्मीदवार को सुधार या स्पष्टीकरण का मौका दिया जाता है। बुधवार सुबह की सुनवाई इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

बुधवार सुबह 11 बजे पर टिकी नजरें

अब सबकी नजरें बुधवार सुबह 11:00 बजे होने वाली सुनवाई पर हैं। यदि परिमल नाथवानी के वकील और प्रस्तावक रिटर्निंग ऑफिसर के सामने अपनी त्रुटियों का संतोषजनक निराकरण कर देते हैं, तो उनका नामांकन वैध घोषित कर दिया जाएगा। लेकिन अगर तकनीकी पेंच उम्मीद से ज्यादा उलझा निकला, तो झारखंड राज्यसभा चुनाव की यह जंग एक नया और अप्रत्याशित मोड़ ले सकती है। फिलहाल, झारखंड की सियासत में ‘होल्ड’ के इस खेल ने कड़ाके की ठंड में भी राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

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सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।