Dhanbad | कोयलांचल की धरती एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी है। धनबाद के धनसार थाना क्षेत्र अंतर्गत बरमसिया में बुधवार की शाम उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब मामूली पैसे के विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया और सरेआम फायरिंग शुरू हो गई। इस वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि त्योहार की खुशियों को मातम और दहशत में बदल दिया है।
मैदान में मची भगदड़, दो युवकों को लगी गोली
बुधवार की शाम जब लोग होली की तैयारियों और मेल-मिलाप में जुटे थे, तभी बरमसिया मैदान के पास अचानक गोलियां चलने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने बिना किसी डर के फायरिंग की, जिससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। इस गोलीबारी में 30 वर्षीय विष्णु शर्मा और 21 वर्षीय छात्र पुष्पक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। विष्णु के दाहिने जांघ में गोली लगी है, जबकि पुष्पक के पेट में गोली लगने से उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
दिल्ली से घर आया था पुष्पक, बिना वजह बन गया निशाना
इस घटना का सबसे दुखद पहलू पुष्पक कुमार से जुड़ा है। पुष्पक दिल्ली में रहकर पढ़ाई करता है और चंद दिनों पहले ही होली की छुट्टियां मनाने अपने घर बरमसिया (दुर्गा मंडप के पास) आया था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है; उनका कहना है कि पुष्पक का इस आपसी विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। वह बस मैदान में अपने दोस्तों के साथ बैठा था, तभी अपराधी विकास लाला और उसके साथियों की गोली का शिकार हो गया।
क्यों चली गोलियां? ‘पैसे का विवाद’ और पुरानी रंजिश
अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे घायल विष्णु शर्मा ने पुलिस को दिए बयान में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
- विवाद की जड़: विष्णु का आरोपी विकास लाला के साथ लंबे समय से पैसों का लेनदेन चल रहा था।
- बकाया मांगना पड़ा भारी: कुछ दिन पहले विष्णु ने अपने बकाये पैसे मांगे थे, जिससे विकास नाराज था।
- प्लान्ड अटैक: बुधवार को विकास अपने साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर बरमसिया मैदान पहुंचा और सीधे विष्णु को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, सीसीटीवी खंगाल रही टीम
वारदात के बाद पूरे बरमसिया इलाके में तनाव व्याप्त है। सूचना मिलते ही धनसार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से खोखे बरामद किए हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों के भागने के रूट का पता चल सके।
“हमने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।” — स्थानीय पुलिस अधिकारी
त्योहार के सीजन में हुई इस वारदात ने पुलिस प्रशासन की गश्ती और सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस मुख्य आरोपी विकास लाला को जल्द गिरफ्तार कर पाती है या धनबाद की सड़कों पर यूं ही सरेआम खून बहता रहेगा।










