रांची: राजधानी रांची की सड़कों पर रेंगते ट्रैफिक और जाम के झाम से जूझ रहे लोगों के लिए आज मंत्रालय से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सीधे तौर पर कमान संभालते हुए सिरमटोली से कांटाटोली को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित कनेक्टिंग फ्लाईओवर की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में निर्देश दिया है कि भू-अर्जन (Land Acquisition) की प्रक्रिया को तुरंत निपटाएं ताकि निर्माण कार्य में कोई अड़चन न आए और शहरवासियों को जल्द से जल्द यह सौगात मिल सके।
मुख्यमंत्री ने केवल मौजूदा प्रोजेक्ट्स ही नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं पर भी मुहर लगाई है। रांची को जाम मुक्त करने के लिए करम टोली से साइंस सिटी (चिरौंदी) तक एक नए फ्लाईओवर के निर्माण पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सीएम ने साफ कर दिया है कि राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सिरमटोली-कांटाटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर: अब रफ्तार पकड़ेगा काम
झारखंड मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए कार्य प्रगति का पूरा खाका रखा।
- डेडलाइन पर जोर: सीएम ने स्पष्ट किया कि जो काम जहां अटका है, उसे युद्ध स्तर पर पूरा करें।
- भू-अर्जन की बाधा: अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जमीन अधिग्रहण से जुड़ी फाइलों को अलमारी में रखने के बजाय मैदान पर कार्रवाई तेज करें।
- सीधा फायदा: इस फ्लाईओवर के बनने से राजेन्द्र चौक, स्टेशन रोड और कांटाटोली के व्यस्ततम इलाकों में लगने वाले घंटों के जाम से मुक्ति मिलेगी।
अनावश्यक कट्स पर ‘कैंची’: रांची की सड़कों का नया प्लान
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बहुत ही व्यावहारिक समस्या की ओर अधिकारियों का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि रांची की मुख्य सड़कों के डिवाइडर में कई जगह अनावश्यक कट्स (Unnecessary Cuts) हैं, जो हादसों और जाम का बड़ा कारण बनते हैं।
“रांची की सड़कों पर जितने भी बेकार के कट्स हैं, उन्हें तत्काल बंद किया जाए। शहर में ट्रैफिक का फ्लो स्मूथ होना चाहिए, न कि हर 100 मीटर पर बाधा।” – हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड
करम टोली से साइंस सिटी: नए फ्लाईओवर की तैयारी
रांची के बढ़ते दायरे को देखते हुए सरकार अब करम टोली से चिरौंदी (साइंस सिटी) तक फ्लाईओवर बनाने की योजना पर काम कर रही है। इससे मोराबादी और बरियातू इलाके के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इसके डिजाइन और रूट को लेकर अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस रूट पर आबादी बढ़ने के बाद भी जाम की स्थिति पैदा न हो।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
इस महत्वपूर्ण बैठक में पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख श्री प्रवीण जयंत भेंगरा, मुख्य अभियंता सीडीओ श्री विजय रंजन और उप सचिव प्रबंधन श्री विक्रम प्रताप सिंह समेत कई बड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
आम आदमी पर क्या होगा असर? (News Analysis)
रांची में रहने वाला हर व्यक्ति जानता है कि शाम के समय सिरमटोली और कांटाटोली चौक पार करना किसी जंग से कम नहीं है। सरकार की यह सक्रियता बताती है कि अब प्रोजेक्ट्स को लटकाने के बजाय पूरा करने पर ध्यान है। यदि कनेक्टिंग फ्लाईओवर समय पर तैयार होता है, तो:
- समय की बचत: स्टेशन जाने वाले यात्रियों को अब 30-40 मिनट पहले घर से निकलने की जरूरत नहीं होगी।
- ईंधन की बचत: जाम में जलने वाले पेट्रोल-डीजल के खर्च में कमी आएगी।
- हादसों में कमी: सड़कों के कट्स बंद होने से अचानक मुड़ने वाले वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाएं कम होंगी।
अब गेंद पथ निर्माण विभाग के पाले में है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ हफ्तों में भू-अर्जन की प्रक्रिया में तेजी आएगी। वहीं, चिरौंदी फ्लाईओवर की डीपीआर (DPR) पर काम जल्द शुरू हो सकता है। रांचीवासी अब उम्मीद भरी नजरों से उन कंक्रीट के पिलर्स की ओर देख रहे हैं, जो उनकी रफ्तार को नई उड़ान देंगे।










