Ranchi | झारखंड में राज्यसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे यहां का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। 18 जून को होने वाली वोटिंग से पहले रांची में राजनीतिक हलचल अचानक बेहद तेज हो गई है। किसी भी तरह की ‘क्रॉस वोटिंग’ या सेंधमारी को रोकने के लिए एनडीए (NDA) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
रणनीति के तहत एनडीए के सभी विधायकों को रांची के प्रतिष्ठित पांच सितारा होटल ‘रेडिसन ब्लू’ में शिफ्ट किया जा रहा है। गठबंधन का दावा है कि उनके निर्दलीय प्रत्याशी की जीत तय है, लेकिन ऐहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस बार जाने-माने उद्योगपति और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को अपना पूरा समर्थन दे रही है। बीजेपी खेमे का दावा है कि नाथवानी को न सिर्फ एनडीए का अटूट साथ हासिल है, बल्कि वे जीत के लिए जरूरी 28 जादुई वोटों का आंकड़ा भी आसानी से पार कर लेंगे।
बीजेपी दफ्तर में महामंथन: दिग्गजों ने तैयार की ‘फुलप्रूफ’ रणनीति
इस बड़े फैसले से ठीक पहले रांची स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में एनडीए के शीर्ष नेताओं और विधायकों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में खुद बीजेपी समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी भी मौजूद रहे।

बैठक में बीजेपी के साथ-साथ सहयोगी दल आजसू (AJSU) और जदयू (JDU) के विधायक और रणनीतिकार भी शामिल हुए। बंद कमरे में हुई इस चर्चा का मुख्य एजेंडा राज्यसभा चुनाव में एक-एक वोट को सुरक्षित रखना और मतदान की बारीकियों को समझना था।
मैदान से लाइव: होटल रेडिसन ब्लू के बाहर बढ़ी हलचल
ग्राउंड जीरो से मिल रही रिपोर्ट के मुताबिक, रांची के मेन रोड स्थित होटल रेडिसन ब्लू के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बीजेपी और सहयोगी दलों के विधायकों की गाड़ियां एक-एक कर होटल परिसर में प्रवेश कर रही हैं।
ग्राउंड जीरो से इनपुट: “पार्टी आलाकमान कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। 18 जून की सुबह सीधे होटल से ही सभी विधायकों को कड़ी सुरक्षा के बीच विधानसभा ले जाया जाएगा, ताकि वोटिंग के समय कोई गड़बड़ी न हो।”
बड़े चेहरों की मौजूदगी: कौन-कौन रहा बैठक में शामिल?
इस पूरी चुनावी बिसात को बिछाने के लिए एनडीए के कई दिग्गज नेता खुद कमान संभाले हुए हैं। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित चेहरे नजर आए:
- आदित्य साहू (प्रदेश अध्यक्ष, बीजेपी)
- बाबू लाल मरांडी (नेता प्रतिपक्ष)
- सुदेश महतो (आजसू प्रमुख)
- वीरेंद्र प्रधान (लोजपा प्रदेश अध्यक्ष)
- विजय शर्मा (उप मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ – विशेष पर्यवेक्षक के रूप में)
इन विधायकों की मौजूदगी रही अहम
बैठक और उसके बाद होटल शिफ्टिंग की प्रक्रिया में परिमल नाथवानी के साथ मंजू देवी, नीरा यादव, राज सिन्हा, सी पी सिंह, प्रदीप प्रसाद, उज्ज्वल दास, नवीन जयसवाल और सतेंद्र नाथ तिवारी सहित एनडीए के तमाम विधायक एकजुट नजर आए।

क्या परिमल नाथवानी जुटा पाएंगे 28 वोट? समझें सियासी समीकरण
झारखंड की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखें तो राज्यसभा की एक सीट निकालने के लिए प्रथम वरीयता के 28 वोटों की आवश्यकता है। एनडीए के रणनीतिकारों का कहना है कि उनके पास यह संख्या बल मौजूद है। आजसू और जदयू के साथ आने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी की स्थिति काफी मजबूत दिखाई दे रही है।
हालांकि, विपक्ष भी अपनी चालें चल रहा है, जिसके कारण एनडीए ने अपने कुनबे को एक साथ रखने के लिए ‘होटल पॉलिटिक्स’ का सहारा लिया है। अब देखना यह होगा कि 18 जून को बैलेट बॉक्स से क्या नतीजा निकलता है।
अब सबकी नजरें 18 जून को होने वाले मतदान पर टिकी हैं। प्रशासन ने भी चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। एनडीए विधायकों को होटल में रखने का मतलब साफ है कि पार्टी आखिरी मिनट पर किसी भी तरह के सरप्राइज से बचना चाहती है। अगले 48 घंटे झारखंड की राजनीति के लिए बेहद संवेदनशील हैं, जहां हर एक विधायक का वोट सूबे की नई सियासी दिशा तय करेगा।
इसे भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव: क्या परिमल नाथवानी की जीत तय है? एनडीए बैठक में बड़ा दावा











