जलगांव में पुष्पक एक्सप्रेस हादसा: अफवाह ने ली 11 लोगों की जान

Subhash Shekhar
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Pushpak Express Accident Today: महाराष्ट्र के जलगांव जिले के परांडा स्टेशन पर बुधवार को एक बड़ी दुर्घटना हो गई। पुष्पक एक्सप्रेस में आग की अफवाह के चलते यात्रियों ने घबराहट में ट्रेन से छलांग लगा दी। अफरा-तफरी के बीच, दूसरी ओर से आ रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आने से कई यात्रियों की जान चली गई।

हादसे में 11 की मौत, 5 घायल

नासिक के डिवीजनल कमिश्नर प्रवीण गेदम ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस से कूदने वाले यात्रियों में से 11 लोगों की मौत हो गई और 5 अन्य घायल हो गए। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। मौके पर 8 एंबुलेंस भेजी गई हैं और रेलवे की राहत वैन भी तैनात है। प्रशासन और रेलवे अधिकारी समन्वय कर रहे हैं।

अलार्म चेन खींचने के बाद मची अफरा-तफरी

सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ स्वप्निल नीला ने बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस जो लखनऊ से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जा रही थी, उसमें किसी ने अलार्म चेन खींची। इसके बाद कई यात्री घबराकर ट्रेन से कूद गए। उसी समय विपरीत दिशा से कर्नाटक एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी, जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया। रेलवे अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन और अस्पतालों से मदद मांगी है।

मुख्यमंत्री योगी और कांग्रेस ने जताया दुख

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि रेलवे सुरक्षा तंत्र फेल हो रहा है। उन्होंने रेल मंत्रालय पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि हाल के दिनों में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ी है।

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रेल सुरक्षा पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर रेल सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने “कवच” प्रणाली की विफलता की ओर इशारा किया है। रेलवे प्रशासन ने कहा है कि हादसे की जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

राहत कार्य जारी

रेलवे की दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन और स्थानीय प्रशासन की टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम तेजी से किया। पुष्पक एक्सप्रेस और कर्नाटक एक्सप्रेस को यात्रियों की मदद के बाद अपनी-अपनी यात्रा पर भेज दिया गया है। प्रशासन ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

यह हादसा यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। अफवाहों पर यकीन करने और घबराने से बचना बेहद जरूरी है।

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सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
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