Patna: बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ अब और भी आक्रामक हो गया है। राजधानी पटना के बिहटा में रात के करीब 2 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एसटीएफ (STF) और बदमाशों के बीच आमने-सामने की फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस ने दो इनामी शार्प शूटर्स विदेशी राय और पप्पू राय को घेरकर उनके पैरों में गोलियां दाग दीं, जिसके बाद इलाके में दहशत और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती है।
पटना पुलिस की यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब ये दोनों अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में आनंदपुर गांव के पास बांध पर छिपे थे। पुलिस और अपराधियों के बीच यह एनकाउंटर बिहार में पिछले 6 महीनों से चल रहे उस सिलसिले की कड़ी है, जिसमें अब तक 19 मुठभेड़ हो चुकी हैं।
आधी रात का ऑपरेशन: जब बिहटा की सड़कों पर गूंजी गोलियां
पटना पुलिस और एसटीएफ की विशेष टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि बिहटा के आनंदपुर गांव के पास कुछ अपराधी इकट्ठा हुए हैं। दानपुर डीएसपी-2 अमरेंद्र कुमार झा के नेतृत्व में जब पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू की, तो अपराधियों ने खुद को घिरता देख भागने की कोशिश की।
ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक:
- अपराधियों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
- जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने मोर्चा संभाला और सटीक निशाना साधते हुए शूटर्स के पैरों में गोली मारी।
- घायल अवस्था में दोनों को तुरंत हिरासत में लिया गया।
विदेशी और पप्पू राय: अपराध की दुनिया के वो चेहरे जिनसे कांपता था इलाका
गिरफ्तार किए गए शूटर्स, विदेशी राय और पप्पू राय, पटना पुलिस की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल थे। इन पर हत्या, लूट और रंगदारी के दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, इनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को पटना एम्स (AIIMS) रेफर किया गया है, जहाँ वे पुलिस की कड़ी निगरानी में हैं।
बिहार में ‘जीरो टॉलरेंस’: क्या यूपी की तर्ज पर हो रहा है न्याय?
बिहार पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ पूरी तरह से ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चल रही है। पिछले छह महीनों के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में एनकाउंटर की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी हुई है।
| समयावधि | मुठभेड़ की संख्या | पुलिस का रुख |
| पिछला 6 महीना | 19 एनकाउंटर | आक्रामक और त्वरित |
| मुख्य निशाना | शार्प शूटर्स और सुपारी किलर | जीरो टॉलरेंस |
प्रशासन का पक्ष: पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि अगर अपराधी पुलिस पर गोली चलाएंगे, तो उन्हें उसी भाषा में जवाब मिलेगा। इस कार्रवाई ने राजधानी के अपराधियों में एक कड़ा संदेश भेजा है।

इलाके में तनाव और पुलिस की दबिश
मुठभेड़ के बाद बिहटा और आसपास के गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस अब इन दोनों शूटर्स के कॉल रिकॉर्ड्स और नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि इनके गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुँचा जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में हुई इस फायरिंग ने 90 के दशक के उस दौर की याद दिला दी जब पटना के दियारा और ग्रामीण इलाकों में गोलियों की गूंज आम थी।
आगे क्या होगा?
पटना पुलिस की यह कार्रवाई दिखाती है कि अब अपराधियों के लिए भागना आसान नहीं होगा। आने वाले दिनों में विदेशी और पप्पू राय के गिरोह पर और भी बड़ी गाज गिर सकती है। नीतीश सरकार और पुलिस विभाग पर कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, यह एनकाउंटर ‘डैमेज कंट्रोल’ और ‘कॉन्फिडेंस बिल्डिंग’ की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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