रांची प्रेस क्लब में सोमवार को एक विशेष अवसर देखने को मिला जब राष्ट्रीय पत्रिका जन सरोकार की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में सामाजिक कार्यों को समर्पित व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर “लहू बोलेगा” रक्तदान संगठन के संस्थापक नदीम खान को अल्पसंख्यक समाज के बीच रक्तदान के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में उन्हें अंगवस्त्र, पौधा और भगवान गौतम बुद्ध का स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस सम्मान ने न केवल उनके प्रयासों को मान्यता दी बल्कि सामाजिक सरोकारों में कार्यरत संगठनों के प्रति भी लोगों की संवेदनशीलता को दर्शाया।
रक्तदान से समाज में नई सोच की पहल
नदीम खान का संगठन “लहू बोलेगा” कई वर्षों से झारखंड में रक्तदान को लेकर जागरूकता फैला रहा है। खासतौर पर अल्पसंख्यक समुदाय में जहां इस विषय पर अक्सर जागरूकता की कमी देखी जाती है, वहां यह संगठन एक नई सोच पैदा करने में सफल रहा है। संगठन का मानना है कि रक्तदान केवल मानवीय कर्तव्य ही नहीं बल्कि समाज को एकजुट करने का माध्यम भी है।
रक्तदान शिविरों और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से इस संगठन ने हजारों लोगों को रक्तदान की मुख्यधारा से जोड़ा है। इसके परिणामस्वरूप न केवल जीवन बचाए गए हैं बल्कि आपसी भाईचारे की मिसाल भी कायम हुई है।
विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में मिला सम्मान
सेमिनार में कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। वरिष्ठ पत्रकार और रांची प्रेस क्लब के पूर्व महासचिव शंभुनाथ चौधरी, वरिष्ठ साहित्यकार कृपाशंकर (जमशेदपुर), जन सरोकार पत्रिका के संपादक संजय झा एवं कवयित्री कविता झा इस सम्मान समारोह में मौजूद रहे।
इसके अलावा रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार और लखनऊ से आए भगवान गौतम बुद्ध के विशेषज्ञ वत्स जी भी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। संत जेवियर कॉलेज और रॉय यूनिवर्सिटी रांची के छात्रों के साथ-साथ “लहू बोलेगा” संगठन की टीम — डॉ. अनुराधा वत्स, अकरम राशिद, मोहम्मद बब्बर और मोहम्मद बुलंद अख्तर भी इस मौके पर उपस्थित रहे।
संगठन ने जताया आभार
सम्मान प्राप्त करने के बाद नदीम खान और उनकी टीम ने जन सरोकार पत्रिका एवं इसके संपादक मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि यह सम्मान उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि उन सभी रक्तदाताओं की मान्यता है जिन्होंने समाज के लिए नि:स्वार्थ योगदान दिया।
“लहू बोलेगा” का मानना है कि इस प्रकार के सम्मान आगे भी युवाओं को प्रेरित करेंगे और रक्तदान जैसी मानवीय पहल में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। संगठन का अगला लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में पूरे झारखंड के हर जिले तक रक्तदान अभियान को पहुंचाया जाए।
सामाजिक कार्यों की मिसाल
नदीम खान का यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि यदि निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य किया जाए तो समाज में परिवर्तन लाना संभव है। अल्पसंख्यक समुदाय में रक्तदान जैसी पहल को लोकप्रिय बनाकर उन्होंने न केवल जीवन बचाने का काम किया है बल्कि सामाजिक एकता का संदेश भी दिया है।
ऐसे सम्मान से न सिर्फ संगठनों को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि समाज में यह संदेश भी जाता है कि मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। “लहू बोलेगा” के प्रयास आज युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं।









