KKR सुपरफैन अशोक चक्रवर्ती ने टीम का जोश पहुँचाया एवरेस्ट बेस कैंप तक

Subhash Shekhar
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New Delhi: कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कट्टर प्रशंसक अशोक चक्रवर्ती ने टीम के प्रति अपने समर्पण और जुनून का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसने सभी को प्रेरित कर दिया। 19 अक्टूबर को उन्होंने एवरेस्ट बेस कैंप की कठिन चढ़ाई पूरी करते हुए KKR का झंडा और टीम की जर्सी वहाँ फहराई — यह उपलब्धि न केवल टीम के लिए, बल्कि हर क्रिकेट प्रेमी के लिए गर्व का क्षण है।

नाइट राइडर्स की ‘पर्पल एंड गोल्ड’ चमकी हिमालय की ऊंचाइयों पर

अशोक चक्रवर्ती का यह अनोखा सफर साबित करता है कि KKR के पर्पल और गोल्ड रंग केवल मैदानों में ही नहीं, बल्कि हिमालय की ऊंचाइयों पर भी जगमगा सकते हैं। टीम ने अपने इस सुपरफैन के जज़्बे की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि “Knight Riders परिवार की अटूट भावना” का प्रतीक है।

टीम की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि अशोक का यह कदम नाइट राइडर्स की उस भावना को दर्शाता है, जो हर सीमा को पार कर नए शिखर छूने का हौसला रखती है।

‘बियॉन्ड बाउंड्रीज़’ – यही है KKR का असली जज़्बा

अशोक चक्रवर्ती की यह यात्रा सिर्फ एक ट्रेक नहीं थी, बल्कि KKR की भावना का जीवंत प्रतीक थी — “बियॉन्ड बाउंड्रीज़।” उन्होंने यह साबित किया कि नाइट राइडर्स के प्रशंसक सिर्फ टीम के मैच नहीं देखते, बल्कि उसके मूल मंत्र — “Never Give Up” — को अपनी ज़िंदगी में जीते हैं।

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उनका कहना है कि उन्होंने यह अभियान इस संदेश के साथ पूरा किया कि “KKR की आत्मा मैदान से कहीं आगे तक फैली है।” हिमालय की ठंडी हवाओं के बीच फहराता KKR का झंडा इस टीम की पहचान — दृढ़ता, एकता और जुनून — का प्रतीक बन गया।

फैंस और टीम ने मनाया गर्व का पल

दुनियाभर में KKR के फैंस ने अशोक की इस उपलब्धि को सोशल मीडिया पर मनाया। टीम ने भी अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर उनकी तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए उन्हें “Knight Riders Family का गौरव” बताया।

अशोक की यह सफलता सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे KKR समुदाय की प्रेरणा है। उन्होंने दिखा दिया कि जब जुनून सच्चा हो, तो कोई भी ऊंचाई बहुत बड़ी नहीं होती।

अशोक चक्रवर्ती का एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुँचना KKR की उस जुझारू भावना का प्रतीक है, जो हर चुनौती को अवसर में बदल देती है। उन्होंने साबित किया कि “Knight Riders Family knows no bounds” — चाहे वह क्रिकेट का मैदान हो या हिमालय की बर्फीली चोटियाँ, KKR का जोश हर जगह चमकता रहेगा।

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सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
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