नई दिल्ली (NEW DELHI): केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने हाल ही में नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेता और फिल्मकार ऋषभ शेट्टी से दिल्ली में मुलाकात की। यह मुलाकात न केवल उनकी फिल्म “कांतारा चैप्टर 1” की सफलता को लेकर थी, बल्कि इसके जरिए पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण के प्रति दिए जा रहे सकारात्मक संदेश की सराहना के लिए भी थी।
भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर ऋषभ शेट्टी के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा —
“आज दिल्ली में नेशनल अवॉर्ड विजेता एक्टर और डायरेक्टर ऋषभ शेट्टी से मुलाकात की। ऋषभ जी का प्रकृति के प्रति प्रेम और लोगों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने की उनकी लगन देखकर बहुत प्रभावित हुआ।”
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जहां प्रशंसक दोनों के इस संवाद को “कला और पर्यावरण के संगम” के रूप में देख रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित ‘कांतारा चैप्टर 1’
ऋषभ शेट्टी की फिल्म “कांतारा चैप्टर 1” इस समय बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है। फिल्म ने रिलीज के महज 6 दिनों में ₹427 करोड़ की वैश्विक कमाई कर ली है और अब यह ₹500 करोड़ क्लब में शामिल होने के करीब है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, फिल्म का अगला लक्ष्य ₹1000 करोड़ की वर्ल्डवाइड कमाई तक पहुंचना है।
फिल्म की कहानी चौथी सदी में स्थापित है, जो कांतारा की रहस्यमय और पवित्र धरती पर आधारित है। इसमें लोककथाओं, विश्वास, प्रकृति और मनुष्य के बीच संघर्ष की गहराई को दिखाया गया है।
फिल्म प्रकृति के प्रति मानव के जुड़ाव और उसकी रक्षा के महत्व को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करती है।
दमदार कलाकारों और शानदार सिनेमेटोग्राफी की झलक
फिल्म में ऋषभ शेट्टी ने न केवल अभिनय किया है, बल्कि इसे लिखा और निर्देशित भी किया है। उनके साथ सप्तमी गौड़ा, गुलशन देवैया, रुक्मिणी वसंत, जयराम, पीडी सतीश चंद्र, और प्रकाश थुमिनाड जैसे प्रतिभाशाली कलाकार नजर आए हैं।
कांतारा चैप्टर 1 का निर्माण हॉम्बाले फिल्म्स के बैनर तले विजय किरगंदुर ने किया है।
फिल्म की सिनेमेटोग्राफी अरविंद एस. कश्यप ने की है, जबकि संगीत बी. अजनीश लोकनाथ ने दिया है।
फिल्म का हर फ्रेम प्राकृतिक सौंदर्य और रहस्य से भरा हुआ है, जो दर्शकों को धरती से जुड़ाव का एहसास कराता है।
पर्यावरण और संस्कृति का संगम
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा की गई सराहना से यह स्पष्ट है कि “कांतारा चैप्टर 1” सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और पारंपरिक संस्कृति के प्रति सम्मान का संदेश है।
यह फिल्म दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे इंसान का अस्तित्व प्रकृति के बिना अधूरा है।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए, जो मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश भी देती हों।
2 अक्टूबर को हुई रिलीज, दर्शकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया
“कांतारा चैप्टर 1” 2 अक्टूबर 2025 को दुनियाभर में रिलीज हुई थी। फिल्म ने न केवल साउथ इंडिया में बल्कि हिंदी बेल्ट और विदेशी बाजारों में भी शानदार प्रदर्शन किया है।
सिनेमा प्रेमियों का कहना है कि यह फिल्म भारतीय लोककथाओं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सम्मान का एक सिनेमा आंदोलन बन चुकी है।
ऋषभ शेट्टी की यह रचनात्मक प्रस्तुति साबित करती है कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता लाने का एक प्रभावी माध्यम भी है।










