New Delhi | भारतीय सेना अब पूरी तरह ‘देसी’ रंग में रंगने जा रही है। औपनिवेशिक दौर (Colonial Era) की बची-कुची परंपराओं को खत्म करने के लिए सेना ने अपनी ड्रेस और ग्रूमिंग से जुड़े नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। हाल ही में जारी 174 पेज के नए मैनुअल ‘आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026’ में इन बदलावों की घोषणा की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसा मैनुअल आखिरी बार 8 साल पहले (2018 में) जारी किया गया था।
आइए जानते हैं कि इस नए मैनुअल के बाद भारतीय सेना के लुक और लाइफस्टाइल में क्या-क्या बदलने जा रहा है।
‘रॉयल’ शब्द की छुट्टी, एंट्री हुई ‘बंदी जैकेट’ की
नए नियमों के तहत अंग्रेजों के जमाने के ‘रॉयल’ जैसे शब्दों को सेना की शब्दावली से हमेशा के लिए हटा दिया गया है। इसके अलावा:
- बंदी जैकेट को मंजूरी: पहली बार औपचारिक (Formal) मौकों पर अधिकारियों को बंद-गले वाली ‘बंदी’ जैकेट पहनने की इजाजत दी गई है। यह पूरी आस्तीन वाली शर्ट के ऊपर पहनी जा सकेगी।
- तलवार अब वैकल्पिक: परेड के दौरान रिव्यूइंग ऑफिसर्स (Reviewing Officers) के लिए अब तलवार साथ रखना अनिवार्य नहीं, बल्कि वैकल्पिक (Optional) होगा।
- पाउच बेल्ट हटी: ‘मेस ड्रेस नंबर 5’ और ‘नंबर 6’ से सेरेमोनियल पाउच बेल्ट को हटा दिया गया है। यह ड्रेस राष्ट्रपति भवन, राजभवन या विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के सम्मान में होने वाले कार्यक्रमों में पहनी जाती है।
जवानों के लिए नई विंटर ड्रेस ‘3B’
सर्दियों के मौसम के लिए सेना ने सभी रैंक के सैनिकों के लिए ‘3B’ नाम की एक नई विंटर ड्रेस शुरू की है। इस वर्दी में अंगोला शर्ट के साथ एक बैटल जैकेट और बेरेट (टोपी) शामिल होगी, जो जवानों को स्मार्ट लुक के साथ-साथ कड़कड़ाती ठंड में आराम भी देगी।
मूंछें, परफ्यूम और टैटू को लेकर कड़े नियम
नए मैनुअल में सिर्फ कपड़े ही नहीं, बल्कि सैनिकों के ग्रूमिंग स्टैंडर्ड भी तय किए गए हैं:
- मूंछों का साइज फिक्स: सैनिकों की मूंछें अब 12 सेंटीमीटर से ज्यादा लंबी नहीं होनी चाहिए।
- परफ्यूम पर बैन: यूनिफॉर्म में रहते हुए कोई भी कर्मचारी डिओडोरेंट या परफ्यूम का इस्तेमाल नहीं कर सकता। हालांकि, आफ्टर-शेव लोशन लगाने की छूट रहेगी।
- टैटू और ब्रेसलेट मना: शरीर पर किसी भी तरह के टैटू या पियर्सिंग (छेद करवाने) की सख्त मनाही है। कलाई पर कोई ब्रेसलेट नहीं पहना जा सकता, सिर्फ पूजा के दिन बंधा पवित्र धागा (कलवा) ही मान्य होगा। सिख सैनिकों को छोड़कर किसी भी धार्मिक निशान की इजाजत नहीं है।
महिला अफसरों के लिए ड्रेस कोड: पलाजो और सिगरेट पैंट पर रोक
महिला सैन्य अधिकारियों के लुक और कपड़ों को लेकर भी स्थिति साफ की गई है:
- महिला अधिकारी सादे रंग की साड़ियां या दुपट्टे के साथ कुर्ता-सलवार और टखने (Ankle) तक की लंबाई वाली सीधी पैंट पहन सकती हैं।
- कैजुअल कपड़ों पर बैन: बिना आस्तीन (Sleeveless) वाले कुर्ते, पलाजो या सिगरेट पैंट पहनने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
- मेकअप के नियम: लिपस्टिक, रंगीन नेल पॉलिश, बिंदी और नोज पिन लगाने की मनाही है। महिला अधिकारी सिंदूर लगा सकती हैं, लेकिन शर्त यह है कि बेरेट या पीक कैप पहनने पर वह बाहर दिखाई न दे।
“यह बदलाव देश की भावनाओं और बदलती संप्रभु पहचान को दर्शाते हैं। यह औपनिवेशिक दौर की बची-खुची प्रथाओं को धीरे-धीरे हटाकर सेना के पहनावे को आज की ‘भारतीय सोच’ के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” — लेफ्टिनेंट जनरल वीपीएस कौशिक (एडजुटेंट जनरल)
PM मोदी ने दी थी नसीहत
सेना में स्वदेशीकरण (Indigenisation) की यह मुहिम 5 साल पहले तब तेज हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में ‘कंबाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस’ को संबोधित किया था। उन्होंने तीनों सेनाओं को निर्देश दिया था कि वे गुलामी के दौर के रीति-रिवाजों को खत्म करें और भारतीय तौर-तरीकों को अपनाएं।











