Advertisement
Jharkhand News

झारखंड की सियासत में ‘खनन’ पर महाभारत: मंत्री संजय प्रसाद यादव ने अपनी ही सरकार के सिस्टम पर उठाए सवाल

रांची। झारखंड की राजनीति में इस वक्त भूचाल की स्थिति है, लेकिन इस बार हमला विपक्ष ने नहीं, बल्कि सरकार के अपने ही कैबिनेट मंत्री ने किया है। राजद कोटे से मंत्री और गोड्डा विधायक संजय प्रसाद यादव ने संताल परगना क्षेत्र में चल रहे अवैध बालू और पत्थर खनन को लेकर जो बयान दिया है, उसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।

Quick Takeaways: मुख्य बातें

  • सीधी मांग: मंत्री ने मुख्यमंत्री से अवैध खनन की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
  • खुली चुनौती: उन्होंने कहा कि यदि वह खुद, कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि दोषी है, तो उसे बख्शा न जाए।
  • अंतर्कलह: कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव के आरोपों को मंत्री ने ‘पॉलिटिकल टारगेट’ बताया।
  • गंभीर आरोप: अवैध ढुलाई के चक्कर में हो रही दुर्घटनाओं और मौतों पर चिंता जताई।

‘सड़कों पर लहू और सिस्टम मौन’: मंत्री का दर्द या रणनीति?

एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान मंत्री संजय प्रसाद यादव का तेवर काफी तल्ख दिखा। उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया कि संताल क्षेत्र में अवैध बालू और पत्थर का धंधा बेखौफ जारी है।

Advertisement

हमारे विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि अक्सर सत्ता पक्ष के नेता अपनी ही सरकार की आलोचना तब करते हैं जब या तो प्रशासनिक स्तर पर उनकी अनदेखी हो रही हो या फिर क्षेत्र में जनता का दबाव बढ़ रहा हो। मंत्री ने सीधे तौर पर कहा:

“अवैध बालू और पत्थर लदे हाईवा रात के अंधेरे में भागने के चक्कर में बेगुनाहों को कुचल रहे हैं। यह सिर्फ राजस्व की चोरी नहीं, बल्कि लोगों की जान से खिलवाड़ है।”

प्रदीप यादव के ’27 लाख’ वाले दावे पर पलटवार

हाल ही में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने गोड्डा डीसी को पत्र लिखकर सनातन घाट से हर दिन 27 लाख रुपये की काली कमाई का आरोप लगाया था। इस पर मंत्री संजय यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

डेटा और फैक्ट्स की नजर से: विवाद की जड़

विषयप्रदीप यादव का आरोपसंजय प्रसाद यादव का तर्क
दायरासिर्फ सनातन घाट पर फोकस।पूरे जिले और अन्य थानों (हंसडीहा, महगामा) में अवैध खेल।
पुलिस की भूमिकाप्रशासन को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग।दागी थानेदारों को बार-बार उन्हीं क्षेत्रों में पोस्टिंग देने पर सवाल।
निजी संबंधअप्रत्यक्ष रूप से मंत्री परिवार पर निशाना।‘महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट’ से किसी भी संबंध से साफ इनकार।

मंत्री ने सवाल उठाया कि प्रदीप यादव केवल एक खास क्षेत्र को ही क्यों निशाना बना रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदीप यादव के अपने क्षेत्र और मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में भी गंभीर घटनाएं हो रही हैं, जिस पर वे मौन हैं।

भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ या सियासी मजबूरी?

मंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट’ से उनके परिवार (पत्नी या बेटे) का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया है कि एक ऐसी निष्पक्ष जांच हो जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। उन्होंने यहाँ तक कहा कि “चाहे मैं ही दोषी क्यों न हूँ, कार्रवाई होनी चाहिए।”

मंत्री संजय प्रसाद यादव ने किन इलाकों में अवैध खनन की बात कही है?

मंत्री ने मुख्य रूप से संताल परगना, गोड्डा जिले के महगामा, हंसडीहा और पत्थरगामा क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों का उल्लेख किया है।

प्रदीप यादव और संजय यादव के बीच विवाद का मुख्य कारण क्या है?

विवाद की शुरुआत गोड्डा के बालू घाटों से हो रहे अवैध उठाव और उसमें संलिप्तता के आरोपों से हुई है। दोनों नेता एक-दूसरे के कार्यक्षेत्र और प्रशासनिक मिलीभगत पर सवाल उठा रहे हैं।

क्या इस बयान से झारखंड सरकार पर कोई संकट है?

यह सरकार के भीतर समन्वय की कमी को दर्शाता है। यह आने वाले समय में गठबंधन के भीतर दरार पैदा कर सकता है, खासकर चुनाव से पहले भ्रष्टाचार का मुद्दा विपक्ष के हाथ में बड़ा हथियार दे सकता है।

Expert Note: यह पहली बार नहीं है जब झारखंड में अवैध खनन का मुद्दा उठा हो, लेकिन एक कैबिनेट मंत्री द्वारा स्वयं की सरकार के प्रशासनिक तंत्र (खासकर पुलिस की कार्यप्रणाली) पर सवाल उठाना यह संकेत देता है कि संताल में ‘सफेद पत्थरों’ का यह काला कारोबार अब राजनीतिक टकराव का केंद्र बन चुका है।

Related Stories & Ads

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment