Ranchi: झारखंड में जनगणना की तैयारी अब डिजिटल दिशा में बढ़ चली है। राज्य में पहली बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से की जाएगी। जनगणना का प्रारंभिक कार्य शुरू हो चुका है और 9 नवंबर से डेटा एंट्री का काम आरंभ होगा। इस बार यह प्रक्रिया मोबाइल एप, ऑनलाइन पोर्टल और टैबलेट जैसे आधुनिक उपकरणों से पूरी की जाएगी, जिससे पारंपरिक कागजी कार्य प्रणाली को लगभग खत्म कर दिया जाएगा।
ऐसे चलेगा जनगणना का नया डिजिटल अभियान
पहले चरण में राज्यभर में डिजिटल परिसीमन (Digital Delimitation) किया जाएगा। इसके बाद हर गांव और शहर की जियो फेंसिंग की जाएगी, ताकि सटीक सीमांकन के साथ भू-स्थानिक आंकड़े तैयार किए जा सकें। इस कार्य के पूरा होते ही हाउस ट्रेनिंग का चरण आरंभ होगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत 1 नवंबर से तीन दिन का प्री-टेस्ट ट्रेनिंग पहले ही संपन्न कर लिया गया है।
इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। नागरिक एक सुरक्षित पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी अपलोड करेंगे, जिसके बाद उन्हें यूनिक आईडी प्राप्त होगी। यह आईडी फील्ड सर्वे के दौरान सत्यापन के लिए उपयोग होगी।
अप्रैल 2026 से शुरू होगी घरों की गणना
घरों के चयन और गणना का काम अप्रैल 2026 से शुरू होकर अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान आवासीय स्थिति, सुविधाएं और पारिवारिक जानकारी एकत्र की जाएगी।
फरवरी 2026 तक राज्य सरकार प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करेगी ताकि जनगणना अधिकारी पूरी तरह प्रशिक्षित रहें। दिसंबर 2026 में जनगणना पदाधिकारी प्रशिक्षण का अंतिम चरण पूरा करेंगे और 1 मार्च 2027 से सीधी जनगणना प्रक्रिया शुरू होगी।
जाति आधारित आंकड़े भी होंगे शामिल
इस बार की जनगणना में जातिगत विवरण भी व्यापक स्तर पर लिया जाएगा। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ अन्य पिछड़ी जातियों (OBCs) और अन्य समुदायों का डेटा भी संग्रहित किया जाएगा।
राज्य सरकार ने पांच सितंबर को जनगणना कराने की अधिसूचना जारी कर दी है और मार्च 2027 तक इसकी फाइलिंग का काम पूरा होगा।
आधुनिक प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग
डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए नवंबर 2024 से जनवरी 2026 तक मास्टर और फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही फरवरी 2026 से क्षेत्रीय स्तर पर ट्रैनिंग और मार्च 2026 से फील्ड सर्वेक्षण की तैयारी शुरू होगी।
इस डिजिटल पद्धति से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता और त्वरित विश्लेषण भी संभव होगा।
झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है जो पूरी तरह डिजिटल माध्यम से जनगणना करेगा। जियो फेंसिंग, मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए यह आधुनिक प्रक्रिया देश में जनगणना की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित होगी।








