Ranchi | झारखंड की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस के सीनियर विधायक और पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव सोमवार को आखिरकार प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर पहुंच गए हैं। दूसरा समन जारी होने के बाद वे आज सुबह करीब 11 बजे रांची स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे, जहां जांच एजेंसी के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
माना जा रहा है कि इस पूछताछ के बाद राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। ईडी की इस कार्रवाई से झारखंड के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हड़कंप मच गया है।
प्रेम प्रकाश कनेक्शन: बैंक खातों से हुआ था करोड़ों का खेल!
ईडी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी के हाथ कुछ ऐसे पुख्ता और ठोस सबूत लगे हैं जो रोहित उरांव की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। आरोप है कि रोहित उरांव और झारखंड के चर्चित पावर ब्रोकर प्रेम प्रकाश के बीच शराब के टेंडर को लेकर बड़े पैमाने पर रुपयों का लेन-देन हुआ था।
यह लेन-देन कुछ साल पहले किया गया था, जिसका एक बड़ा हिस्सा सीधे बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर हुआ था। डिजिटल दौर में ट्रांजैक्शन के इन निशानों ने ही अब जांच एजेंसी के लिए सबूतों की कड़ियां जोड़ने का काम किया है।
छापेमारी में मिले थे डिजिटल सबूत
दरअसल, ईडी को इन संदिग्ध लेन-देन की भनक तब लगी जब एजेंसी ने शराब घोटाले से जुड़े मामले में रोहित उरांव के विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। सर्च ऑपरेशन के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को जब फॉरेंसिकली खंगाला गया, तब जाकर इस पूरी कड़़ी का भंडाफोड़ हुआ।
रांची ईडी दफ्तर के बाहर बढ़ी हलचल
रांची से लाइव रिपोर्ट: सोमवार सुबह से ही रांची के हिनू स्थित ईडी क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सुबह ठीक 11 बजे जैसे ही रोहित उरांव की गाड़ी परिसर में दाखिल हुई, वहां मौजूद मीडियाकर्मियों की भारी भीड़ उन्हें कैमरे में कैद करने के लिए उमड़ पड़ी।
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चूंकि रामेश्वर उरांव कांग्रेस के बेहद कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री रहे हैं, ऐसे में उनके बेटे से पूछताछ का असर सीधे तौर पर राज्य की गठबंधन सरकार की छवि पर भी पड़ सकता है। आम जनता के बीच भी यह चर्चा तेज है कि क्या इस पूछताछ की आंच कुछ और बड़े चेहरों तक पहुंचेगी?
ईडी के अधिकारी आज रोहित उरांव के सामने उन बैंक स्टेटमेंट्स और डिजिटल दस्तावेजों को रखकर सवाल-जवाब कर रहे हैं, जो छापेमारी में मिले थे। सूत्रों का कहना है कि अगर रोहित उरांव पैसों के इस लेन-देन का सही स्रोत और कारण बताने में असमर्थ रहते हैं, तो आने वाले दिनों में जांच एजेंसी उन पर शिकंजा और कस सकती है। इस मामले में प्रेम प्रकाश और रोहित उरांव को आमने-सामने बिठाकर भी पूछताछ की जा सकती है।











