100 करोड़ के GST घोटाले में CBI की ताबड़तोड़ कार्रवाई, सोना-डॉक्युमेंट्स जब्त

Subhash Shekhar
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झारखंड और बिहार में फर्जी जीएसटी क्लेम के एक बड़े मामले में सीबीआई ने शिकंजा कस दिया है। करीब 100 करोड़ रुपये के इस घोटाले को लेकर एजेंसी ने दो राज्यों के सात स्थानों पर एकसाथ छापेमारी की।

सीबीआई की यह कार्रवाई पटना, पूर्णिया, जमशेदपुर, नालंदा और मुंगेर जैसे शहरों में की गई। इनमें पटना और पूर्णिया में दो-दो, जबकि बाकी स्थानों पर एक-एक ठिकाने शामिल थे। यह मामला फर्जी निर्यात बिलों के सहारे सरकार से झूठे जीएसटी रिफंड हासिल करने का है, जिसकी कुल राशि लगभग 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

फर्जी बिल, सोने की बिस्किट और मोबाइल फोन मिले

सीबीआई ने तलाशी के दौरान 100 ग्राम की सात सोने की बिस्किट, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और कई मोबाइल फोन जब्त किए हैं। बरामद दस्तावेजों से मामले में और नाम सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

जांच एजेंसी ने बताया कि यह घोटाला एक संगठित नेटवर्क द्वारा अंजाम दिया गया, जिसमें सरकारी अफसरों की मिलीभगत भी सामने आ रही है। इन दस्तावेजों से ऐसे लिंक मिले हैं जो भविष्य में केस को और बड़ा बना सकते हैं।

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पटना के तत्कालीन GST आयुक्त समेत 30 लोग आरोपी

CBI ने इस केस में पटना के तत्कालीन सीमा शुल्क आयुक्त और 29 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एजेंसी का कहना है कि यह लोग मिलकर फर्जी निर्यात बिल तैयार करते थे और उस आधार पर झूठे जीएसटी क्लेम करते थे।

इन सभी पर संगठित वित्तीय धोखाधड़ी, सरकारी धन की हेराफेरी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क की जड़ें और कितनी गहराई तक फैली हैं।

देशभर में फैल सकता है घोटाले का दायरा

CBI सूत्रों की मानें तो इस घोटाले की जड़ें केवल बिहार-झारखंड तक सीमित नहीं हैं। यह मामला देश के अन्य हिस्सों से भी जुड़ सकता है, जहां इसी तरह के फर्जी क्लेम किए गए हों।

फिलहाल जिन लोगों पर आरोप हैं, उनकी भूमिका की विस्तार से जांच की जा रही है। मोबाइल फोन और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच के बाद सीबीआई अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई कर सकती है।

CBI की सख्ती से हड़कंप, बड़े खुलासों की उम्मीद

CBI की इस बड़ी कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। जल्द ही एजेंसी उन्हें भी गिरफ्तार कर सकती है।

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फिलहाल इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि सरकार जीएसटी घोटालों पर गंभीर है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़ी और भी कई परतें खुल सकती हैं।

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सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
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