Patna | NEET परीक्षा को लेकर मचे देशव्यापी बवाल के बीच एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पेपर लीक के दाग को धोने के लिए प्रशासन इस बार कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहता है। इसी सिलसिले में आगामी 21 जून को होने वाली NEET रीएग्जाम के लिए प्रश्न पत्र पटना पहुंच चुके हैं।
इस बार सुरक्षा का आलम यह है कि इन प्रश्न पत्रों को किसी आम साधन से नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना के एक विशेष विमान से सीधे पटना लाया गया है। पटना एयरपोर्ट पर लैंड करते ही पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया और बेहद गोपनीय तरीके से इन्हें एक सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है।
सुरक्षा की ऐसी अभूतपूर्व तैयारी पहले कभी नहीं देखी गई
इस पूरी ऑपरेशन को बेहद गुप्त रखा गया था। एयरपोर्ट से लेकर उस सीक्रेट लोकेशन तक, जहाँ प्रश्न पत्रों को रखा गया है, सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन प्रश्न पत्रों की निगरानी चौबीसों घंटे सीसीटीवी और हथियारों से लैस जवानों की टुकड़ी कर रही है। पिछली बार हुई फजीहत से सबक लेते हुए इस बार ट्रांसपोर्टेशन से लेकर स्टोरेज तक, हर एक स्टेप की डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है।
लीक कांड के बाद बैकफुट पर आई सरकार का बड़ा कदम
याद दिला दें कि इससे पहले हुई NEET परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र लीक होने की खबरों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। बिहार का पटना केंद्र इस पूरे विवाद का मुख्य केंद्र बनकर उभरा था, जहाँ से कई गिरफ्तारियां भी हुईं।
- चौतरफा घिरी केंद्र सरकार: पेपर लीक की घटना के बाद केंद्र सरकार को भारी जनआक्रोश और विपक्ष के तीखे हमलों का सामना करना पड़ा।
- शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन: देश भर के छात्रों और युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया था।
- साख बचाने की लड़ाई: सरकार के लिए यह रीएग्जाम सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि अपनी साख और सिस्टम के इकबाल को वापस पाने की सबसे बड़ी लड़ाई बन चुका है।
स्थानीय प्रशासन अलर्ट, छात्रों में अब भी है संशय
पटना के स्थानीय अभिभावकों और छात्रों से बात करने पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “प्रश्न पत्र वायुसेना से आएं या बुलेट ट्रेन से, हमारे लिए जरूरी यह है कि परीक्षा हॉल में बैठने के बाद हमें दोबारा मानसिक प्रताड़ना न झेलनी पड़े।”
वहीं, पटना जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब सबकी नजरें 21 जून को होने वाली NEET रीएग्जाम पर टिकी हैं। विशेष विमान से प्रश्न पत्र मंगाकर सरकार ने यह तो साफ कर दिया है कि वह इस बार किसी भी स्तर पर चूक बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। लेकिन असली परीक्षा उस दिन होगी जब छात्र केंद्रों पर बैठेंगे। क्या प्रशासन बिना किसी विवाद के इस परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करा पाएगा? यह देखना बेहद अहम होगा।











