रांची : झामुमो महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार के हालिया जीएसटी राहत ऐलान को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज चुनावी हथकंडा बताया। उनका कहना है कि यह कदम जनता के लिए नहीं बल्कि भाजपा की राजनीतिक मजबूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह राहत इतनी जरूरी थी, तो पिछले सात वर्षों से जनता पर तथाकथित “गब्बर सिंह टैक्स” क्यों थोपा गया।
झामुमो का हमला और भाजपा से सवाल
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि दाल-चावल से लेकर बच्चों की कॉपी-किताब, दवाइयों और कृषि उपकरणों तक पर वर्षों तक टैक्स क्यों वसूला गया। उन्होंने कटाक्ष किया कि जब महंगाई चरम पर है, तो पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की कीमतों को कम करने की हिम्मत भाजपा सरकार क्यों नहीं जुटा पाई।
उन्होंने आगे कहा कि बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर केंद्र सरकार लगातार चुप्पी साधे रही। जब किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी मांग रहे थे, तो सरकार पीछे क्यों हट गई? पांडेय का दावा है कि जनता से वसूले गए टैक्स का कोई ठोस हिसाब आज तक सामने नहीं आया है।
केंद्र पर बजट कटौती का आरोप
झामुमो महासचिव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने लगातार जनकल्याणकारी मदों में कटौती की। मनरेगा जैसी गरीबों की जीवनरेखा को कमजोर किया गया। मिड डे मील और शिक्षा बजट में कमी की गई, जिससे बच्चों और गरीब परिवारों पर सीधा असर पड़ा।
इसके उलट उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार की योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार अबुआ आवास, अबुआ स्वास्थ्य, सर्वजन पेंशन और मंईयां सम्मान जैसी योजनाओं के माध्यम से लोगों को राहत पहुंचा रही है। साथ ही खाद्य सुरक्षा बजट में कटौती के बावजूद झारखंड सरकार ने हर घर को 5 किलो अतिरिक्त चावल देने का निर्णय लिया।
बेरोजगारी और रोजगार सृजन पर बहस
विनोद पांडेय ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार बेरोजगारी को लेकर नाकाम साबित हुई है। नौकरियों के नाम पर खोखले वादे किए गए, जबकि जमीन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके विपरीत झारखंड सरकार सहिया साथी, फेलोशिप और रोजगार सृजन योजनाओं के जरिए युवाओं को अवसर देने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने भाजपा पर सीधा हमला करते हुए कहा कि चुनाव आते ही भाजपा राहत के नाम पर खोखले तोहफे देती है, लेकिन असलियत यह है कि जनता की जेब पर लगातार बोझ डाला गया।
जनता समझ चुकी है चुनावी चाल
पांडेय ने स्पष्ट किया कि भाजपा नेताओं को झारखंड सरकार की आलोचना करने से पहले अपनी नीतियों का जवाब देना चाहिए। उनका कहना है कि भाजपा का राहत पैकेज सिर्फ चुनावी छलावा है, जिसे जनता अब अच्छी तरह समझ चुकी है।
उन्होंने कहा कि समय आने पर झारखंड की जनता भाजपा की इन राजनीतिक नौटंकियों का करारा जवाब देगी। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता असलियत को पहचान चुकी है और आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखाई देगा।










