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Jharkhand News

भैरव सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत: सशर्त जमानत मंज़ूर, 20-20 हजार के दो मुचलके

Ranchi: हिंदूवादी नेता भैरव सिंह को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। गुरुवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अंबुज नाथ की अदालत ने सशर्त जमानत की अनुमति दे दी। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब भैरव सिंह कई महीनों से चुटिया थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले को लेकर न्यायिक प्रक्रिया से गुजर रहे थे। अदालत की ओर से यह आदेश एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

हाईकोर्ट का आदेश और ज़मानत की शर्तें

अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि भैरव सिंह को 20-20 हजार रुपये के दो निजी मुचलके जमा करने होंगे। मुचलके भरने के बाद ही उन्हें जेल से रिहाई मिलेगी। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि भैरव सिंह सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करेंगे और जांच में सहयोग देंगे।
इस आदेश से उनके समर्थकों में खुशी की लहर है, क्योंकि लंबे समय से वह अपनी रिहाई की प्रतीक्षा कर रहे थे।

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मामला क्या है?

यह पूरा मामला रांची के चुटिया थाना में दर्ज एक विवाद से जुड़ा है। थाना में कांड संख्या 125/2025 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। बताया जाता है कि कुछ महीने पहले क्षेत्र में स्थानीय विवाद के दौरान पुलिस ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद भैरव सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना के बाद से ही यह मामला लगातार चर्चा में रहा, खासकर उनके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए।

निचली अदालत ने की थी जमानत याचिका खारिज

इसके पहले, 13 अगस्त को रांची सिविल कोर्ट ने उनकी बेल याचिका को खारिज कर दिया था। निचली अदालत का तर्क था कि मामले में पर्याप्त आधार हैं और जांच जारी है, इसलिए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा।
इसके बाद भैरव सिंह की ओर से यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचाया गया। यह कदम उनके कानूनी संघर्ष का एक महत्वपूर्ण हिस्सा साबित हुआ।

हाईकोर्ट में रखे गए तर्क

हाईकोर्ट में उनकी ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने पैरवी की। उन्होंने दलील दी कि भैरव सिंह को राजनीतिक दुर्भावना के तहत फंसाया गया है। उनके मुताबिक, इस मामले में लगे आरोप न केवल निराधार हैं, बल्कि राजनीतिक रंजिश से प्रेरित भी हैं।
उन्होंने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल का इस विवाद से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, और उन्हें केवल गलत तरीके से टारगेट किया गया है।

समर्थकों में खुशी, आगे की कानूनी तैयारी जारी

जमानत आदेश के बाद भैरव सिंह के समर्थकों में प्रसन्नता देखी गई है। समर्थकों का मानना है कि न्यायालय के इस निर्णय से सच की जीत हुई है।
हालांकि, मामला अभी भी प्रक्रिया में है और आगे की सुनवाई जारी रहेगी। भैरव सिंह के वकील का कहना है कि पूरी कानूनी लड़ाई तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर लड़ी जाएगी।

भैरव सिंह की जमानत को लेकर यह फैसला न केवल कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले की अगली कार्रवाई पर सभी की नज़रे टिकी रहेंगी।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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