Kolkata | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक 48 घंटे पहले कोलकाता का इकबालपुर इलाका रणक्षेत्र बन गया है। सोमवार रात भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पोर्ट विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार राकेश सिंह सहित 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक-दो नहीं, बल्कि 3 अलग-अलग FIR दर्ज की हैं, जिसमें पुलिसकर्मी की रिवॉल्वर छीनने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
हुसैन शाह रोड पर चुनावी सभा के दौरान शुरू हुआ यह विवाद थाने के घेराव तक जा पहुंचा। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस संघर्ष में इकबालपुर थाने के ओसी (OC) समेत कई पुलिसकर्मी और राजनीतिक कार्यकर्ता घायल हुए हैं। चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है, जिससे बंगाल की चुनावी तपिश अब अपने चरम पर पहुंच गई है।
आधी रात ‘थाना घेराव’ और पुलिस पर हमला: कैसे बिगड़े हालात?
1. नारेबाजी से शुरू हुई ‘जंग’
घटना सोमवार शाम की है जब भाजपा उम्मीदवार राकेश सिंह पोर्ट विधानसभा क्षेत्र के हुसैन शाह रोड पर जनसभा कर रहे थे। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, सभा के दौरान ही टीएमसी समर्थकों ने ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाए, जिसके जवाब में भाजपा समर्थकों ने ‘जय श्री राम’ के नारे बुलंद किए। यह जुबानी जंग देखते ही देखते धक्का-मुक्की और पथराव में बदल गई।
2. थाने के बाहर हाई-वोल्टेज ड्रामा
अपनी सभा में हुए हमले से नाराज राकेश सिंह समर्थकों के साथ इकबालपुर थाने के सामने धरने पर बैठ गए। आरोप है कि इसी दौरान टीएमसी कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए और पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों गुटों के बीच जमकर ईंट-पत्थर चले। पुलिस ने जब भीड़ को हटाने की कोशिश की, तो आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ भी हाथापाई की।
3. ‘सर्विस रिवॉल्वर’ छीनने का संगीन आरोप
पुलिस द्वारा दर्ज FIR में सबसे चौंकाने वाला खुलासा भाजपा प्रत्याशी राकेश सिंह को लेकर है। पुलिस का दावा है कि झड़प के दौरान राकेश सिंह और उनके समर्थकों ने एक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की। इसी आधार पर उन पर गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया गया है।
सियासी पारा हाई: ‘दीदी’ बनाम ‘मोदी’ की साख की लड़ाई
इस गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने ममता सरकार पर ‘तानाशाही’ का आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि हार के डर से पुलिस को हथियार बनाकर उम्मीदवारों को निशाना बनाया जा रहा है। दूसरी तरफ, टीएमसी का कहना है कि भाजपा बाहरी गुंडों के दम पर कोलकाता का माहौल बिगाड़ना चाहती है।
आंकड़े और बैकग्राउंड:
- गिरफ्तारियां: 5 भाजपा कार्यकर्ता और 4 टीएमसी कार्यकर्ता।
- सुरक्षा: इलाके में RAF की 2 कंपनियां और भारी पुलिस बल तैनात।
- इतिहास: पोर्ट विधानसभा क्षेत्र हमेशा से संवेदनशील रहा है, जहां इस बार मुकाबला बेहद कड़ा है।
वोटिंग पर क्या पड़ेगा असर? (Analysis)
23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले इस हिंसा ने मतदाताओं के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। चुनाव आयोग (ECI) अब इस क्षेत्र में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर सकता है। अगर हिंसा की खबरें इसी तरह आती रहीं, तो चुनाव के दिन टर्नआउट पर इसका असर दिख सकता है।
राकेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद भाजपा आज कोलकाता की सड़कों पर बड़ा विरोध प्रदर्शन कर सकती है। मामला अब कोर्ट और चुनाव आयोग की चौखट पर है। क्या राकेश सिंह को मतदान से पहले जमानत मिलेगी? या फिर जेल के भीतर से ही उन्हें अपनी चुनावी किस्मत का फैसला देखना होगा? कोलकाता पुलिस की अगली कार्रवाई और सीसीटीवी फुटेज के खुलासे पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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